नई दिल्ली - दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार के महत्त्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘मेक इन इंडिया’ पर कटाक्ष करते हुए रविवार को कहा कि पहले ‘मेक इंडिया’ पर ध्यान दीजिए, ‘मेक इन इंडिया’ तो अपने आप हो जाएगा। केजरीवाल ने ट्वीट किया कि पहले मेक इंडिया पर ध्यान दें तो मेक इन इंडिया अपने आप हो जाएगा। कई मित्र पूछते हैं कि मेक इंडिया से मेरा क्या आशय है। इसका मतलब है स्वास्थ्य, शिक्षा, जल, सुरक्षा, न्याय व्यवस्था और आधारभूत ढांचे में निवेश है। मानव संसाधन ही हमारी सबसे श्रेष्ठ पूंजी है।
उनमें निवेश कीजिए और दुनिया आपके कदमों में होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की गरीबोन्मुखी नीतियों का मकसद मेक इंडिया है। उन्होंने कहा कि दूसरे देशों में जाकर गिड़गिड़ाने से बेहतर है कि हम मेक इंडिया बनाएं फिर निवेशक खुद हमारे सामने गिड़गिड़ाएंगे। उधर, केंद्रीय पर्यटन मंत्री महेश शर्मा ने श्री केजरीवाल के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इतिहास उन्हें उनके काम के लिए नहीं, बल्कि पोस्टरों और ट्वीटों के लिए याद रखेगा। उनके इतिहास में कुछ नहीं है, इसलिए बेहतर होगा कि वह भविष्य के सपने न दिखाएं।
उन्होंने कहा केजरीवाल पहले मीडिया के फ्रेम से बाहर आएं और फोटो खिंचवाने तथा बयान देने से पहले जमीन पर कुछ करके दिखाएं। इस बीच, भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी केजरीवाल के बयान को गैर जरूरी करार देते हुए कहा कि उन्हें ‘मेक इन इंडिया’ की चिंता करने की जरूरत नहीं है। अच्छा होगा कि वह अपना ध्यान ‘मेक इन दिल्ली’ पर लगाएं। आप के नेता संजय सिंह ने सवाल किया कि क्या दिल्ली की तरक्की की चिंता सिर्फ केजरीवाल करेंगे।
मोदी जी ने तो दिल्ली को अपना घर बताया था। क्या दिल्ली देश में नहीं है। मोदी सरकार विदेशियों के भरोसे भारत को आगे बढ़ाना चाहती है। क्या उसे भारतीयों की क्षमता पर भरोसा नहीं है। दिल्ली सरकार और केंद्र के बीच अधिकारों के बंटवारे को लेकर लंबे समय से तनातनी चल रही है। केजरीवाल का कहना है कि दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग प्रधानमंत्री कार्यालय के इशारे पर उनकी सरकार को तंग कर रहे हैं और काम नहीं करने दे रहे हैं।