चेन्नई - वर्षों बाद अंतरिक्ष में सोमवार को एक साथ पूर्ण चंद्र ग्रहण तथा ‘सुपरमून’ की मौजूदगी का दुर्लभ खगोलीय नजारा देखने को मिलेगा। ‘सुपरमून’ का मतलब है कि चंद्रमा अपने आकार से थोड़ा बड़ा और गहरे लाल रंग का दिखाई देगा। चांद का यह नजारा तब देखने को मिलता है जब चंद्रमा पृथ्वी से कुछ ज्यादा नजदीक होता है। खगोल विद्या के प्रसार और अंतरिक्ष विज्ञान के लिए अनुसंधान की विशेषज्ञ ‘स्पेस’ ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि सुपरमून भारतीय समयानुसार आठ बजकर 21 मिनट पर दिखेगा।
यह न केवल इस वर्ष का सबसे बड़ा चंद्रमा होगा, बल्कि पृथ्वी के सबसे नजदीक भी होगा। इसके बाद 14 नवंबर, 2016 को यह पृथ्वी के सबसे नजदीक होगा। इसके साथ ही पूर्ण चंद्र ग्रहण भी लगेगा, जो कि अमरीका, अटलांटिक, ग्रीनलैंड, यूरोप, अफ्रीका और पश्चिम एशिया में दिखाई देगा। हालांकि भारत में यह तब दिखेगा, जब चंद्रमा अस्त होने वाला होगा। सुपरमून चमकीला और बड़ा होता है, जिससे कुछ टेलीस्कोप से यह काफी चमकीला दिख सकता है।
सुपरमून की स्थिति तब बनती है, जब चंद्रग्रहण हो और चंद्रमा अपनी कक्षा में पृथ्वी के सबसे करीबी बिंदु पर हो। इस दौरान चंद्रमा पृथ्वी की छाया के पीछे होता है और सूर्य की रोशनी चंद्रमा तक पृथ्वी के वायुमंडल से होकर पहुंचती है। इस समय सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं। इस बार खास बात यह है कि पूर्ण चंद्रग्रहण पड़ रहा है।