मक्का में मरने वालों में से 14 भरतीय भी है, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट करके इस बात की पुष्टि की है.
अरब के सिविल डिफेंस सेवा ने बताया कि हज के दूसरे दिन मक्का शहर से लगभग छह-सात किलोमीटर दूर मीना में शैतान को कंकड़ मारने धार्मिक प्रक्रिया के दौरान हाजियों के बीच अचानक भगदड़ मच गई। आज के दिन मैदान-ए-अराफात से वापसी के बाद मुज़दलफा में शैतान को पत्थर मारने की रस्म अदा करते हैं और इसी दौरान यह हादसा हुआ। भगदड़ के बाद बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। वहां हजारों श्रद्धालु वार्षिक हज यात्रा के अंतिम चरण में भाग ले रहे हैं।
इससे पहले वर्ष 2006 में इसी तरह के हुए हादसे में 200 से ज्यादा लोग मारे गए थे। हर साल दुनिया भर के 25 लाख से ज्यादा लोग हज के लिए मक्का पहुंचते हैं। इस बार भारत से करीब 1.50 लाख लोग हज पर गए हैं। सऊदी अरब के मक्का में हज यात्रा 22 सितंबर से 26 सितंबर के बीच पूरी की जाएगी। अभी तक हादसे के शिकार भारतीयों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। आंध्र प्रदेश के अल्पसंख्यक पैनल के अध्यक्ष आबिद रसूल खान ने बताया, मेरे शिविर में करीब 400 श्रद्धालु थे। सभी सुरक्षित हैं। लेकिन मैं कुछ अन्य लोगों को फोन कर जानकारी हासिल करने का प्रयास कर रहा हूं। गौरतलब है कि सऊदी अरब में ईद-उल-जुहा का त्यौहार भी मनाया जा रहा है। कुछ दिन पहले मक्का में ही एक मस्जिद में क्रेन गिरने से 100 से ज्याद लोगों की मौत हुई थी और करीब 200 लोग घायल हुए थे।