पटना - टिकट को लेकर अपने ससुर रामविलास पासवान और साले चिराग पर हमला बोलने वाले अनिल कुमार साधु को पार्टी से निकाल दिया गया है। खबरों के अनुसार लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान के दामाद अनिल कुमार साधु को रविवार को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया। साथ ही दलित सेना की प्रदेश इकाई को भी भंग कर दिया गया। पार्टी प्रवक्ता ललन चंद्रवंशी ने बताया कि दलित सेना की नई कमेटी जल्द ही गठित की जाएगी। पार्टी के इस कदम पर पलटवार करते हुए अनिल ने कहा कि रामविलास पासवान उन्हें क्या निकालेंगे, उन्होंने तो दलित सेना के सभी जिलाध्यक्षों के साथ शनिवार को ही इस्तीफा दे दिया था।
अनिल ने पासवान परिवार के संस्कार पर सवाल उठाए। कहा, चिराग पासवान ने तो कभी भी उन्हें जीजा नहीं कहा। यही है इस परिवार का संस्कार। अनिल ने सुसर पर तंज करते हुए कहा कि रामविलास कहते है कि यही चिराग घर में उजाला करेगा, रामविलास को बताना चाहिए की अब तक कितने दलितों के घर में उजाला किया है। मुझे निकालने से रामविलास की झोपड़ी (पार्टी सिंबल) में आग लग जाएगी। अनिल ने कहा कि वे लोग सभी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। लोजपा के लिए रामविलास पासवान का बेटा स्टार प्रचारक है तो हम लोगों की ओर से रामविलास की बेटी और मेरी पत्नी आशा पासवान स्टार प्रचारक होंगी।
विदित हो कि अनिल कुमार साधु लोजपा संसदीय बोर्ड के सदस्य और दलित सेना के प्रदेश अध्यक्ष थे। वे कुटंबा से टिकट की मांग कर रहे थे, लेकिन वह सीट जीतन राम मांझी की पार्टी के पास चली गई। साधु को लोजपा के संसदीय बोर्ड की बैठक में भी नहीं बुलाया गया। साधु ने एलान किया था कि अगर पार्टी उन्हें सम्मान नहीं देती है तो वे लोजपा के सभी प्रत्याशियों के खिलाफ उम्मीदवार उतारेंगे। उनकी पत्नी आशा पासवान भी लोजपा प्रत्याशियों के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगी।