पटना - बिहार विधानसभा चुनाव में ओवैसी की एंट्री से भाजपा खुश है तो अब नीतीश की अगवाई वाला महागठबंधन भी शिवसेना के चुनाव लडऩे के संकेत देने से खुश हो सकता है। शिव सेना सांसद संजय राउत ने रविवार को कहा कि बिहार चुनाव में उनकी पार्टी भी ताकत दिखाएगी। उन्होंने कहा कि हम कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे, इसकी घोषणा जल्द ही की जाएगी। हम एनडीए के साथ मिलकर चुनाव नहीं लड़ेंगे। राउत ने कहा कि बिहार में भाजपा के साथ चुनाव लडऩे का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। भाजपा के साथ तो बिहार में बड़े-बड़े लोग हैं।
सूत्रों के मुताबिक, शिव सेना सांसद और उद्धव ठाकरे के विश्वासपात्र माने जाने वाले अनिल देसाई आने वाले दिनों में बिहार जाएंगे। पार्टी बिहार में रैली का भी आयोजन करेगी, जिसे शिव सेना चीफ उद्धव ठाकरे संबोधित करेंगे। राउत ने कहा कि हमें दूसरी पार्टियों की चिंता नहीं है। जो सोचते हैं कि शिव सेना के मैदान में आने से मतों का विभाजन होगा, उन्हें सीट बांटते वक्त हमारा भी ख्याल रखना चाहिए था। केंद्र और महाराष्ट्र में भाजपा की अगवाई वाली सरकारों में शामिल होने के बावजूद दोनों पार्टियों में पर्याप्त कड़वाहट है। विधानसभा चुनाव में शिवसेना को भाजपा ने महाराष्ट्र में दूसरे नंबर पर धकेल दिया था। दोनों पार्टियों में सीटों के बंटवारे पर बात नहीं बनी थी और इन्होंने अलग-अलग चुनाव लडऩे का फैसला किया था।
हालांकि चुनाव बाद भाजपा की सरकार को शिव सेना ने समर्थन दिया। अभी मुंबई में मांस की बिक्री बैन करने को लेकर भी दोनों दलों में पर्याप्त तनाव है। भाजपा के खिलाफ शिव सेना इस बैन को लेकर बेहद तीखा बोल रही है। 2016 में बीएमसी के चुनाव होने वाले हैं। इसका बजट 20000 करोड़ रुपए का होता है। इस चुनाव में शिव सेना भाजपा को झटका देने की तैयारी कर रही है।