पेटलावद (झाबुआ) - मध्य प्रदेश के पेटलावद में हुए धमाकों में मरने वालों का आंकड़ा 88 पहुंच गया है। इस बीच, रविवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पेटलावद पहुंचे। ब्लास्ट में घायलों का हाल जानने के लिए वह सुबह दस बजे यहां के हास्पिटल पहुंचे। सैकड़ों की संख्या में मौजूद लोगों ने उन्हें घेर लिया। उनका काफिला रोक दिया। जब सीएम समझाने के लिए आगे बढ़े तो लोगों ने पुलिस-प्रशासन हाय-हाय के नारे लगाए। इसके बाद सीएम चौहान भी रास्ते पर ही लोगों के बीच बैठ गए। लोगों ने मांग की है कि पीडि़त परिवार में से किसी एक को सरकारी नौकरी मिले और दस-दस लाख रुपए दिए जाएं।
लोगों ने आरोपी राजेंद्र कासवा को तुरंत अरेस्ट करने की भी मांग उठाई। सीएम के सामने प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि दोषी सभी अफसरों को सस्पेंड किया जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो हम आपको यहां से आगे नहीं जाने देंगे। लोगों की मांग के बाद सीएम ने घोषणा की कि मरने वालों की फैमिली को सरकार दस लाख रुपए का मुआवजा देगी। साथ ही कहा कि यदि इलाज में दस लाख रुपए तक भी खर्च होंगे तो सरकार देगी। इसके पहले शनिवार को ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपए की राहत राशि मंजूर कर दी थी, जिसे लोग नाकाफी बता रहे थे।
सीएम चौहान ने कहा कि मैं इस पूरे मामले की न्यायिक जांच करवा रहा हूं। इसमें जो भी दोषी है, उसे बख्शा नहीं जाएगा। अपराधी को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाऊंगा। जब तक उन्हें सजा नहीं मिलेगी। चुप नहीं बैठूंगा। विरोध कर रहे लोगों से सीएम ने कहा कि आप लोगों का दर्द मैं समझता हूं। मैं इस दुख की घड़ी में आपके साथ हूं। मुझे पता था कि आप लोग बहुत ही गुस्से में होंगे, फिर भी मैं आपके बीच आया हूं। क्योंकि इस दुख की घड़ी में मैं आपसे दूर रहीं रह सकता। मैं यहां आया हूं। अब व्यवस्था सुधरने तक यहीं रहूंगा, मुझे जाने की कोई जल्दी नहीं है। विरोध के बाद भी शिवराज काफी शांत नजर आए।