श्रीनगर - कश्मीर घाटी में एक वर्ष पहले आई भीषण बाढ़ की तबाही का मंजर अभी तक लोग भूले नहीं हैं, वहीं एक बार फिर कश्मीर वासियों को बाढ़ का डर सताने लगा है। दरअसल झेलम खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।जानकारी अनुसार उस प्राकृतिक आपदा के एक वर्ष पूरा होने के दो दिन पहले झेलम नदी राज्य में कुछ स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे लोंगो में दहशत का माहौल है। पिछले साल राज्य में आई बाढ़ ने काफी उत्पात मचाया था, जिसमें सैकड़ों लोगों को जिंदगी से हाथ धोना पड़ा था और आर्थिक नुक्सान जो हुआ तो वो अलग था।
उस प्राकृतिक आपदा से राज्य में बिगड़़ी स्थिति अभी भी पूरी तरह से सुधर नहीं पाई है और कई स्थानों पर तो राहत कार्य अभी भी जारी है। मौसम विभाग ने अगले 72 घंटों के भीतर बारिश की संभावना जताई है। यहां के निवासी अभी पहले के सदमे से उबर नहीं सके हैं और पिछले वर्ष जैसे ही बाढ़ आने संबंधी अफवाहों को सुनकर लोग भयभीत हैं। हालांकि अन्य नदियों में पानी का स्तर कम होने के बावजूद लोगों को पता है कि महज एक या दो दिन की बारिश से ही स्थिति खराब हो सकती है। प्रमुख इंजीनियर मीर जावेद ने बताया कि जल प्रवाह बढक़र पांच हजार क्यूसेक हो जाने से बाढ़ आने की प्रबल संभावना हो जाती है और यही स्तर जब बढक़र छह हजार क्यूसेक हो जाए तो फिर समझना चाहिए कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो चुकी है।