नई दिल्ली - वन रैंक-वन पेंशन में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) के मुद्दे पर रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्थिति साफ करने के बाद जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे पूर्व सैनिकों ने ‘साड्डा हक ऐत्थे रक्ख’ के विजयी नारे के साथ अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी। हालांकि, पूर्व सैनिकों का कहना है कि उनका धरना तब तक जारी रहेगा, जब तक उन्हें लिखित में इसकी जानकारी नहीं दे दी जाएगी। वीआरएस के मुद्दे पर प्रधानमंत्री द्वारा स्थिति साफ करते जंतर-मंतर पर पूर्व सैनिकों के आंदोलन की अगवाई कर रहे मेजर जनरल (रिटायर्ड) सतबीर सिंह ने भूख हड़ताल खत्म करने का ऐलान किया।
उन्होंने आमरण अनशन पर बैठे तीन पूर्व सैनिकों को खाना खिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। सतबीर सिंह ने इस मौके पर कहा कि हमने अपना आमरण अनशन खत्म कर दिया है, लेकिन अगर सरकार ने अपना वादा पूरा नहीं किया तो हम तूफान की तरह लौटेंगे। उन्होंने कहा कि हमने सरकार के सामने चार प्वाइंट्स रखे हैं। अगर सरकार ने हमारी मांग नहीं मानी तो हम हमारा आमरण अनशन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार पांच साल पर पे रिवाइज करने की बात कह रही है, हमारी मांग है कि हर साल इसका रिवीजन हो। अगर सरकार दो साल पर तैयार होती है तो हम बात करने के लिए तैयार हैं।
सिंह ने यह साफ कर दिया कि आमने-सामने बात होने के बाद ही वह धरना खत्म करने का ऐलान करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी मंशा रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को धरनास्थल पर बुलाने की नहीं है। सिंह ने कहा कि उनकी मंशा इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने की नहीं है। हालांकि, सिंह ने वन रैंक-वन पेंशन लागू करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। सतबीर सिंह ने यह भी मांग रखी है कि सरकार पांच सदस्यीय बोर्ड गठित करे, जिसमें उनके प्रतिनिधि भी रखे जाएं।