नयी दिल्ली - देश की अर्थव्यवस्था पर बैंकाक में होने वाले एक माह के प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लेने के इच्छुक बाबुओं को उनके एड्स और गर्भावस्था स्थिति के बारे में बताना होगा। इस साल दो से 30 नवंबर तक थाईलैंड के बैंकाक शहर के केसेटसार्ट विश्वविद्यालय में ‘प्रचुर अर्थव्यवस्था से देश की संपन्नता तक’ पर आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कोर्स के लिए आवेदन करते समय अधिकारियों को एचआईवी, गर्भावस्था और संक्रामक रोगों की स्थिति को जाहिर करने वाला एक चिकित्सा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के लिए कहा है।
आवेदन पत्र के साथ नौकरशाहों को एक अधिकृत चिकित्सक द्वारा दी गई चिकित्सा रिपोर्ट को संलग्न करने के लिए कहा गया है जिससे इस बात की पुष्टि हो कि वे घर से बाहर गहन प्रशिक्षण के लिए शारीरिक और मानसिक तौर पर सक्षम हैं। चिकित्सा रिपोर्ट में इस बात का जिक्र होना चाहिए कि व्यक्ति संक्रामक रोगों जैसे कि एड्स, तपेदिक, ट्रेकोमा व चर्म रोगों आदि से मुक्त है और महिला अधिकारियों के लिए गर्भावस्था जांच को शामिल किया गया है। केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों के सचिवों को भेजे गये आदेश में कहा गया है कि इसके लिए आवेदन करने वाले संगठनों से अपेक्षा की जाती है कि वे वरिष्ठ या मध्यम स्तर के अधिकारियों को ही नामांकित करेंगे जिनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि कृषि, अर्थशास्त्र, ग्रामीण विकास, सामाजिक परिवेश और लोक नीति हो।