स्टॉकहोम (स्वीडन) - जल संरक्षण के परंपरागत तरीकों से राजस्थान के कई गांवों में हरियाली लाने वाले भारत के जलपुरुष राजेंद्र सिंह को बुधवार को यहां पानी का नोबेल पुरस्कार माने जाने वाले प्रतिष्ठित स्टॉकहोम वाटर प्राइज से सम्मानित किया गया। स्वीडन के राजा कार्ल सोलहवें गुस्ताव ऐतिहासिक स्टॉकहोम सिटी हॉल में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में सिंह को यह पुरस्कार प्रदान किया। पुरस्कार के तहत एक लाख 50 हजार डॉलर के अलावा एक विशेष कलाकृति दी गई। सिंह को विश्व जल सप्ताह की रजत जयंती के मौके पर यह पुरस्कार दिया गया।
सिंह ने इस मौके पर कहा कि यह पुरस्कार उन लोगों का सम्मान है, जिन्होंने मेहनत करके मरुस्थल को सदानीरा बनाया है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान मिलने से उनकी जिम्मेदारी बढ़ गई है और आने वाले दिनों में वह दुनिया को बेहतर बनाने के लिए काम करते रहेंगे। उन्होंने पानी की कमी से जूझ रहे राजस्थान में जल संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय काम किया है। स्टॉकहोम वॉटर प्राइज समिति के निर्णायकों का कहना है कि सिंह की जल-संचय पद्धति से बाढ़ और मिट्टी के अपरदन का खतरा कम हुआ है, जिससे वन्य जीवन को भी लाभ पहुंचा है। उनके तौर-तरीके आसान और सस्ते हैं और उन्हें भारत के अलावा दुनिया के दूसरे देशों में भी अपनाया जा रहा है।