इस्लामाबाद - पाकिस्तान के अड़यिल रुख के कारण दोनों देशों के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर की बातचीत के रद्द हो जाने के दो दिन बाद प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने फिर इस बात पर जोर दिया कि कश्मीर के बिना भारत के साथ बातचीत के कोई मायने नहीं हैं। श्री शरीफ ने मंत्रिमंडल की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि दोनों पड़ोसी देशों के बीच कश्मीर के बिना कोई भी बातचीत निरर्थक है। उनका कहना था कि कश्मीरी नेता भारत-पाक वार्ता में तीसरा नहीं, बल्कि महत्त्वपूर्ण पक्ष हैं। उनके भविष्य पर उनसे सलाह मशविरा किए और उनकी राय जाने बगैर कोई फैसला नहीं लिया जा सकता।
पाकिस्तान के सुरक्षा सलाहकार सरताज अजीज ने मंत्रिमंडल को सोमवार को इस वार्ता से जुड़े घटनाक्रम की पूरी जानकारी दी थी। पाकिस्तानी समाचार पत्र के अनुसार श्री नवाज ने आतंकवाद पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा कि आतंकवादी जघन्य अपराध कर रहे हैं और उन्हें किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा। उन्होंने इस मौके पर गृहमंत्री चौधरी निसार अली खान को समाज को हथियार विहीन बनाने की रणनीति पर काम करने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक लोकतांत्रिक सरकार हथियारबंद समूहों को बर्दाश्त नहीं कर सकती। श्री नवाज ने मंत्रिमंडल को जर्ब-ए-अज्ब अभियान की सफलता के बारे में भी जानकारी दी।
श्री खान ने कहा कि देश की सुरक्षा व्यवस्था में लगातार सुधार हो रहा है और आतंकवादी घटनाओं में लगातार कमी आई है। उन्होंने कहा कि इस साल अब तक सिर्फ 695 आतंकवादी घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 305 में जान का कोई नुकसान नहीं हुआ। गृहमंत्री ने बताया कि पिछले साल देशभर में कुल 1640 आतंकवादी घटनाएं हुई थीं। राष्ट्रीय कार्य योजना के तहत अब तक 1114 आतंकवादियों को मारा गया है और 883 कट्टर आतंकवादी गिरफ्तार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि देश में आतंकवादियों एवं अपराधियों के सभी नेटवर्क खत्म कर दिए गए हैं और अब वे पाकिस्तान से किसी भी तरह की गतिविधि संचालित करने में सक्षम नहीं हैं।