गांधीनगर - बुलंद हौसलों और पाटीदार जनसमुदाय के साथ एक हार्दिक, सरकार के ऊपर भारी पड़ता नजर आ रहा है। हाथों में बंदूक और रुआबी अंदाज़ बयान करता है उस जिगरबाज़ जज़्बे को जो सरकार को घुटने टेकने पर मजबूर करता है। आरक्षण की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे पाटीदारों को समझाने के लिए सरकार की तरफ से शनिवार को आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल को बातचीत करने का न्योता भेजा। हालांकि, उन्होंने बात करने से मना कर दिया है। अहमदाबाद में 25 अगस्त को होने वाली महारैली से पहले सरकार ने आखिरी प्रयास करते हुए पाटीदार अनमत आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल को मंत्री समूह से बातचीत करने के लिए निमंत्रण भेजा है। शाम तक आंदोलनकारियों की ओर से इसका कोई जवाब नहीं दिया गया।
पटेल नेताओं ने साफ कह दिया है कि अब आरक्षण से नीचे उन्हें कुछ मान्य नहीं है। हार्दिक पटेल ने कहा है कि पाटीदारों में बहुत दम है और आरक्षण तो हम लेकर ही रहेंगे। पाटीदारों का सीना बहुत चौड़ा है ओर आरक्षण नहीं मिला तो छीन कर लेंगे। गुजरात में पाटीदारों का आरक्षण जोर पकड़ता ही जा रहा है। पाटीदार समाज के राजपूत, ब्राहम्ण आदि समुदायों ने आरक्षण की मांग को लेकर जगह-जगह रैलियां निकाली हैं। हार्दिक का कहना है हम अशांति या हिंसा का सहारा नहीं चाहते और ना ही किसी हिंसा में विश्वास करते हैं। लेकिन हमें आरक्षण से दूर करने की कोशिश की गई तो इसका अंजाम अच्छा नहीं होगा। अब सरकार हार्दिक की चुनौती के सामने झुकती नज़र आ रही है और इसी इरादे से शनिवार को सरकार ने हार्दिक से वार्ता करने के लिए न्योता भेजा, लेकिन उन्होंने उसे ठुकरा दिया और खुला ऐलान कर दिया की अब उन्हें आरक्षण के सिवा कुछ और स्वीकार नही।