नई दिल्ली - वित्त मंत्री अरूण जेटली ने आज कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के समक्ष आने वाली ज्यादातर चुनौतियों की वजह बाहरी कारक हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह के अस्थाई वैश्विक रूझानों का मुकाबला करने के लिए देश की बुनियादी क्षमता काफी मजबूत है। जेटली ने आज यहां एक कार्यक्रम में कहा मुझे इसमें कोई शक नहीं है कि वैश्विक स्तर पर उभरने वाले अस्थाई रूझानों, जिसकी मुख्य वजह बाहरी कारक है, उनका मुकाबला करने की देश की क्षमता काफी मजबूत है.' उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के वृहद आर्थिक संकेतक जैसे मुद्रास्फीति विदेशी मुद्रा भंडार ढांचागत परियोजनाओं में पूंजी निवेश और राजस्व प्राप्ति सभी सकारात्मक बने हुये हैं।
वैश्विक बाजारों में आने वाले उतार चढावों का जिक्र करते हुये उन्होंने कहा कि दुनिया काफी चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है और अमेरिका के फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में वृद्धि किये जाने की संभावना के कारण अनिश्चितता बढ़ी है। जेटली ने कहा अमेरिका बड़ी अर्थव्यवस्था है। वहां जो कुछ होता है उसका दुनिया पर बड़ा असर पड़ता है। चीन दुनिया की एक और बड़ी अर्थव्यवस्था है। वैश्विक सुस्ती की वजह से यदि उसके विनिर्माण क्षेत्र के आंकड़े प्रतिकूल संकेत देते हैं, तो उसका भी प्रभाव होगा और समूचा परिदृश्य इससे प्रभावित होगा। लेकिन यह सब अस्थाई दौर है।