मथुरा - उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद के बेमौसम वर्षा एवं ओलापीड़ित किसानों को क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान न हो पाने तथा आगामी जिला पंचायत चुनावों के मुद्दे को लेकर से भाजपा की जिला इकाई द्वारा दूरदराज के एक गांव में आयोजित जनसभा में सांसद हेमामालिनी भीड़ में दबने से शनिवार को बाल बाल बची। सुरक्षाकर्मियों एवं सहयोगियों के सहारे भीड़ से बाहर निकल रहीं 67 वर्षीय सांसद को जैसे ही दो बच्चे लोगों के पैरों के नीचे गिरकर कुचलते दिखाई दिये। उन्होंने तुरंत अपनी जान की परवाह न करते हुए लोगों को हटवाकर उन्हें निकलवाया। उनको भीड़ के दबाव से बचाकर निकालने वाले सांसद के विशिष्ट सहयोगी मितुल पाठक ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि वाकई, भीड़ का दबाव काफी ज्यादा था।
बड़ी संख्या में लोग उनकी तरफ आना चाहते थे और अगर उन बच्चों को सांसद खुद न बचातीं तो कुछ भी हादसा हो सकता था। इससे पूर्व गोवर्धन विधानसभा क्षेत्र के राल गांव में आयोजित सभा को संबोधित किया। बारिश के बाद भी लगभग दो हजार लोग उस पंडाल में उनके लौटने तक डटे रहे। हेमा ने दोहराया कि वह रबी की फसल बर्बाद होने से पीड़ित मथुरा के किसानों को क्षतिपूर्ति दिलाने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार से वार्ता कर चुकी हैं। दोनों तरफ से जल्द ही भुगतान कराने का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने मथुरा के गोकुल बैराज के भूमि विस्थापित 11 गांवों के किसानों को भी भरोसा दिलाने का प्रयास किया वह उन्हें उनकी जमीन का मुआवजा दिलाकर रहेंगी। सांसद ने मथुरा में बिजली पानी सड़क रोजगार पर्यटन शिक्षा व बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं जैसे मुद्दों पर बहुत कुछ किये जाने का वादा पुन: दुहराया।