अहमदाबाद - गुजरात के 1988 बैच के आईपीएस संजीव भट्ट को बर्खास्त कर दिया गया है। भट्ट को अहमदाबाद में सरकारी गाडी और पुलिस कमांडो का इस्तेमाल करने की वजह से बर्खास्त किया गया। भट्ट गुजरात दंगों के संदर्भ में पीएम नरेंद्र मोदी के विरोध को लेकर चर्चा में रहे। भट्ट को बुधवार की शाम उनकी बर्खास्तगी की सूचना दी गई। बर्खास्तगी के पीछे सरकार ने अनुशासनहीनता को आधार बनाया। सरकार ने कहा कि संजीव भट्ट की पोस्टिंग जूनागढ में की गई थी, लेकिन काफी वक्त बीतने के बावजूद उन्होंने जूनागढ में जॉइनिंग नहीं की।
सरकार के मुताबिक जूनागढ में पोस्टिंग होने के बावजूद वह अहमदाबाद में रहे और वहां सरकारी गाडी और पुलिस कमांडो का प्रयोग करते रहे। सरकार ने भट्ट को बार-बार नोटिस जारी किया लेकिन उनके रवैये में कोई सुधार नहीं पाए जाने पर उन्हें बर्खास्त किया गया। एक टीवी चैनल से बात करते हुए संजीव भट्ट ने स्वीकार किया कि उन्हें बर्खास्तगी की सूचना मिल गई, लेकिन अभी वह इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देंगे। गौरतलब है कि जिस समय नरेंद्र मोदी गुजरात के सीएम थे, भट्ट ने उन्हें दंगे का आरोपी बताया था।
भट्ट के मुताबिक वह उस मीटिंग में मौजूद थे, जिसमें मोदी ने कहा कि हिंदुओं को बदला लेने का मौका दिया जाना चाहिए। हाल ही में संजीव भट्ट का एक सेक्स विडियो भी सामने आया था। विडियो सामने आने के बाद गुजरात सरकार ने उन्हें एक नोटिस जारी करते हुए 10 दिन में जवाब मांगा था। 11 मिनट के इस विडियो में कथित तौर पर भट्ट किसी महिला के साथ थे जबकि भट्ट ने खंडन करते हुए कहा था कि विडियो में वह नहीं हैं।