कुल्लू - हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में मणिकरण गुरुद्वारे का एक हिस्सा लैंडस्लाइड की वजह से धंस गया है। गुरुद्वारे की इमारत पर एक विशाल पत्थर गिर जाने से 10 लोगों की मौत हो गई है। हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ने का अंदेशा है।
अचानक हुई लैंडस्लाइड से इमारत का आधा हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया, जिसमें कई श्रद्धालुओं के फंसे होने की खबर है। स्थानीय लोग राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि अब तक दस लाशें बाहर निकाली जा चुकी हैं। बचाव और राहत कार्य जारी है। राहत कार्य में गुरुद्वारे के लोगों और सरकारी कर्मचारियों के अलावा स्थानीय लोग भी लगे हुए हैं।
पिछले कई दिनों से कुल्लू में हुई भारी बारिश के बाद मंगलवार को तेज धूप निकली थी। बताया जाता है कि बारिश के बाद तेज धूप की वजह से पहाड़ में दरार आ गई। मंगलवार दोपहर पहाड़ से 500 मीटर की ऊंचाई से चट्टानें खिसकते हुए नीचे आईं, जहां गुरुद्वारा मणिकरण साहिब था। चट्टानें गुरुद्वारे के सराय पर गिरीं। इसी सराय में श्रद्धालु रहते हैं। इमारत को नुकसान पहुंचाने के बाद चट्टानें पार्वती नदी में जा गिरीं।
मणिकर्ण कुल्लू जिले में है। यह कुल्लू से 45 और मनाली से 85 किलोमीटर दूर है। यहां शिव और रामचंद्र मंदिर होने की वजह से हिंदू श्रद्धालु आते हैं। गुरद्वारा होने की वजह से सिख श्रद्धालु आते हैं। सी-लेवल से 6 हजार फीट की ऊंचाई पर मौजूद मणिकर्ण गर्म पानी के कुंडों के लिए पहचाना जाता है। यहां ऐसे कुदरती कुंड हैं, जिनमें कड़ाके की ठंड में भी 95 डिग्री पर खौलता पानी पाया जाता है। लोग कपड़े की पोटली में चावल बांधकर उसे कुंड में डालते हैं और कुछ देर में चावल पक जाता है। यहां से नजदीकी एयरपोर्ट भुंतर है, लेकिन मणिकर्ण से दूसरे शहरों को जोड़ने वाली सड़कें सिंगल लेन ही हैं।