नई दिल्ली - कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी को राजनीति और कालाधन के बीच की सबसे बड़ी कड़ी करार देते हुए गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती दी कि यदि उनमें सचमुच ‘दम’ है तो वह कानून के इस भगोड़े को भारत लाएं और देश के कानून के मुताबिक उसे सजा दिलाएं। कांग्रेस सांसदों के साथ महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास व्यापम मामले को लेकर प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने पीएम मोदी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि हमने उनके मुकाबले चुनाव लड़ा था। हार गए तो हमने सोचा कि बंदे में दम होगा, लेकिन अब लगता है कि बंदे में दम नहीं है। थोड़ा सा दबाव बढ़ा तो पीएम भाग गए।
राहुल ने आक्रामक अंदाज में हमला बोलते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री डरता है। पहले वह भूमि विधेयक पर डरकर भाग गए और अब ललित मोदी मामले में सामना नहीं कर रहे हैं। राहुल ने कहा कि बुधवार को संसद में सुषमा जी ने लंबी-लंबी बातें कीं, लेकिन हमने जो दो सवाल पूछे थे, उनका कोई जवाब नहीं दिया। आखिर उन्होंने कोई मानवीय मदद छिपकर क्यों की। अपने पिता राजीव गांधी पर लगे आरोपों पर सफाई देते हुए राहुल ने कहा कि उनके बारे में 30 साल से ये लोग आरोप लगा रहे हैं, लेकिन उनको देश की न्यायिक व्यवस्था ने क्लीन चिट दी थी। अदालत ने कहा था कि यह राजीव गांधी के खिलाफ प्रचार किया जा रहा है, इसमें कुछ भी नहीं है। पीएम मोदी को चुनौती देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उनके पास बड़ा मौका है, उन्हें सामने आना चाहिए और ललित मोदी को भारत वापस लाकर क्रिकेट की सफाई करनी चाहिए। राहुल ने कहा कि सुषमा ने ललित मोदी के ब्लैकमनी के नेटवर्क को बचाने का प्रयास किया है। देश का युवा इस बात को समझता है।