नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रविवार को शुरू होने वाली संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की यात्रा के दौरान भारत में खाड़ी से ढांचागत क्षेत्र, वैमानिकी और अन्य क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहन मिलने तथा आतंकवाद के विरुद्ध सहयोग मजबूत होने की आशा है। श्री मोदी आबूधाबी के युवराज एवं यूएई की सशस्त्र सेनाओं के उप सर्वोच्च कमांडर जनरल शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाह्यान के निमंत्रण पर 16-17 अगस्त को यूएई की यात्रा पर जाएंगे। प्रधानमंत्री आबूधाबी और दुबई जाएंगे तथा यूएई के उपराष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मख्तूम से भी मिलेंगे, जो दुबई के शासक भी हैं।
भारतीय प्रधानमंत्री की करीब 34 साल बाद संयुक्त अरब अमीरात की यह यात्रा हो रही है। पिछली बार 1981 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने दुबई की यात्रा की थी। विदेश सचिव एस जयशंकर और प्रधानमंत्री कार्यालय में संयुक्त सचिव जावेद अशरफ प्रधानमंत्री की इस यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप देने के संबंध में शीघ्र ही दुबई जाएंगे। सूत्रों के अनुसार भारत के विस्तारित पड़ोस के साथ रिश्तों को प्रगाढ़ बनाने की जारी मुहिम के तहत हो रही इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच टेलीकॉम क्षेत्र में कुछ अहम करार होने की उम्मीद है जो मनमोहन के कार्यकाल में टूजी घोटाले के बाद उपजी अनिश्चितता की वजह से नहीं हो पाए थे।