नई दिल्ली -पाकिस्तान से एनएसए लेवल पर प्रस्तावित बातचीत से पहले भारत सरकार ने समझौता ब्लास्ट के आरोपी और कथित रूप से दक्षिणपंथी आतंक के मास्टरमाइंड स्वामी असीमानंद को मिली जमानत को चुनौती नहीं देने का फैसला किया है। ऐसी उम्मीद है कि पाकिस्तान बातचीत के दौरान इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाएगा। दूसरी तरफ पाकिस्तान के समक्ष भारत भी 26/11 के मास्टरमाइंड जकी-उर-रहमान लखवी को मिली बेल का विरोध करेगा।
लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी के सवाल के जवाब में गृह मंत्रालय ने कहा कि पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने 28 अगस्त, 2014 को एक आदेश पारित कर स्वामी असीमानंद को समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट केस में सशर्त जमानत दे दी थी। हालांकि प्रमाणिक कापी के मुताबिक कोर्ट ने यह आर्डर पहली मई, 2015 को जारी किया था। एनआईए इस मामले में इस बात की जांच कर रही थी कि क्या हाई कोर्ट की बेल को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देनी चाहिए। जांच के बाद एनआईए ने फैसला किया है कि हाई कोर्ट द्वारा दी गई बेल को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती नहीं दी जाएगी, क्योंकि उसका कोई औचित्य नहीं है।