नई दिल्ली - कांग्रेस के 25 सांसदों के लोकसभा से पांच दिन के निलंबन की अवधि समाप्त होने के बाद भी पार्टी ने संसद में अपना पुराना रुख बनाए रखा और हंगामे के कारण बार-बार स्थगन के उपरांत दोनों सदनों की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों के सदस्य सुबह लोकसभा में आए, लेकिन कांग्रेसी सदस्यों ने फिर से ललित मोदी प्रकरण और व्यापम घोटाले को लेकर हंगामा किया, जिसके कारण तीन बार के स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में भी यही स्थिति बनी रही दो बार के स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी। अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने लोकसभा की कार्यवाही में लगातार बाधा डालने और सदन में तख्तियां लहराने पर कांग्रेस के 25 सदस्यों को पिछले सोमवार को पांच दिन के लिए निलंबित कर दिया था। इसके विरोधस्वरूप कांग्रेस के अन्य सदस्य तथा तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस, वामपंथी दल, राष्ट्रीय जनता दल, जनता दल यू और समाजवादी पार्टी के सदस्य सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर रहे थे, लेकिन इस दौरान चार दिन तक सदन में कामकाज होता रहा। निलंबन की अवधि समाप्त होने के बाद सुबह इन दलों के सदस्य सदन में आए और कार्रवाई शुरू होते ही कांग्रेस के सदस्य पहले की तरह हाथों में तख्तियां लेकर अपने मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन के सामने आ गए।
हंगामे के बीच ही करीब आधे घंटे तक प्रश्नकाल चला। तीन बार के स्थगन के बाद दो बजे सदन की कार्यवाही पुन: शुरू होने पर कांग्रेस के सदस्यों ने वही सिलसिला जारी रखा। वामदलों के सदस्य भी अपनी सीटों पर खड़े हो गए। उपाध्यक्ष एम थंबीदुरै ने शोरशराबे के बीच करीब एक घंटे तक शून्यकाल चलाया, लेकिन हंगामा जारी रहने पर कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी। वहीं राज्यसभा में भी कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों ने मानसून सत्र के शुरू से ही चल रहे गतिरोध पर अपना रवैया बरकरार रखा जिसके कारण दो बार के स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी। सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर चला। संसद में चल रहे गतिरोध के बीच कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सुषमा स्वराज पर सीधा हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा है कि अगर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज यह बता दें कि उन्हें ललित मोदी के खाते से कितना पैसा आया है तो संसद में जारी गतिरोध खत्म हो सकता है। राहुल बोले कि जब तक सुषमा स्वराज का इस्तीफा नहीं होगा, तब तक सदन नहीं चलने दिया जाएगा। उन्होंने स्वराज से वित्तीय लेन-देन की जानकारी देने को कहा।
राहुल बार-बार इस बात पर जोर देते रहे कि यदि यह खुलासा हो जाए तो सदन सामान्य रूप से चलेगा। उन्होंने आगे कहा कि सुषमा ने एक अपराधी की मदद की है, उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि उनके परिवार के पास ललित मोदी की तरफ से कितना पैसा आया। सुषमा स्वराज, शिवराज सिंह चौहान और वसुंधरा राजे के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस द्वारा संसद में किए जा रहे विरोध से समूचा विपक्ष खुश नहीं है। समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव कांग्रेस की वजह से संसद में जारी गतिरोध से नाखुश हैं। मुलायम सिंह यादव ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यह बहुत ज्यादा हो गया है, अगर आप लोग इसी तरह से विरोध करते रहेंगे तो हम आपका साथ नहीं दे पाएंगे। मुलायम ने कहा है कि अगर कांग्रेस सदन में बहस नहीं करेगी, तो वह उसका साथ नहीं देंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनकी पार्टी ने सांसदों के निलंबन की वजह से संसद का बहिष्कार नहीं किया था। सपा को इस मुद्दे पर आप, जेडीयू ओर टीएमसी का समर्थन भी मिला है।