रांची - झारखंड के देवघर शिव मंदिर परिसर में आज सुबह भगदड़ से 11 कावंड़ियों की मौत हो गई है जबकि 50 से अधिक लोग घायल हैं। हादसा सोमवार सुबह 5.45 बजे बेलाबगान मंदिर के पास हुआ। सावन के दूसरे सोमवार पर मंदिर में चढ़ चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ देर रात से ही जुटनी शुरू हो गई थी वहां सुबह भगदड़ मच गई। देवघर एसपी ने 10 लोगों की मौत की पुष्टि की है। महीने की शुरुआत में भी इसी मंदिर परिसर में भगदड़ हुई थी जिसमें 12 लोग घायल हुए थे।
देवघर मंदिर में जल चढ़ाने के लिए सोमवार सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी थी। इसी दौरान दस किलोमीटर पहले ही श्रद्धालुओं की लाइन लगनी शुरू हो गई थी। कुछ श्रद्धालुओं का पैर रस्सी में फंस गए और उसके बाद पीछे से सब एक दूसरे पर गिर गए। आज सुबह जल चढ़ाने के लिए करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु पहुंचे थे। देवघर के डिप्टी कमिश्नर अमित कुमार ने बताया कि कावड़िए जलाभिषेक के लिए लाइन में लगे हुए थे। लाइन करीब 10 किलोमीटर लंबी थी। श्रद्धालुओं के बीच आगे जाने की होड़ लगी थी। इसी दौरान सुबह करीब पौने पांच बजे मंदिर से करीब 3 किलो मीटर दूर भगदड़ मच गई।
12 ज्योतिर्लिगों में से एक है देवघर
देवघर का शिव मंदिर बारह ज्योतिर्लिगों में से एक है। यहां सावन में शिव भक्त गंगाजल चढ़ाने का आते हैं। बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग स्थित होने के कारण इस स्थान को देवघर नाम मिला है। यह ज्योतिर्लिंग एक सिद्धपीठ है। इस कारण इस लिंग को 'कामना लिंग' भी कहा जाता हैं।