नई दिल्ली - कांग्रेस के 25 सांसदों के लोकसभा से निलंबन के विरोध में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी पार्टी के सभी सांसदों के साथ मंगलवार को संसद भवन परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के निकट धरने पर बैठीं और आरोप लगाया कि मोदी राज में लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। बाजू में काली पट्टी बांध कर आईं श्रीमती गांधी ने धरने में शामिल होने के बाद संवाददाताओं से कहा कि मोदी सरकार की ड्यूटी बनती है सदन को चलाना। जिस तरह से हमारे सदस्यों को निलंबित किया गया। वह अलोकतांत्रिक है। लोकतंत्र की हत्या हो रही है।
श्रीमती गांधी ने धरने में पार्टी सांसदों के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। उन्होंने ‘नहीं चलेगी-नहीं चलेगी, तानाशाही नहीं चलेगी, अब तो यह स्पष्ट है मोदी सरकार भ्रष्ट है, मन की बात बंद करो, प्रधानमंत्री चुप्पी तोड़ो, भ्रष्टाचारियों का साथ छोड़ो’ जैसे नारे लगाए। धरने में शामिल हुए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि कांग्रेस के पास अपनी बात रखने का कोई और रास्ता नहीं रह गया था, जिसके कारण धरना देना पड़ा। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार, व्यापम घोटाले और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के इस्तीफे को लेकर दबाव बनाए रखेगी। कोई कारण नहीं है कि इन मुद्दों पर ढील दी जाए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से कांग्रेस के 25 सदस्यों को निलंबित किया गया है, उसी प्रकार की घटना पूरे देश में हो रही है, जिससे न केवल किसान बल्कि छात्र भी प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जमीन अधिग्रहण मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने पहले कड़ाई का रुख अख्तियार किया और विपक्षियों को धमकी भी दी, लेकिन एक समय आया कि वह इस मामले से भाग गई। प्रधानमंत्री को मन की बात कहने की आदत हो गई है, लेकिन अब उन्हें हिंदुस्तान के मन की बात भी सुननी चाहिए। लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े ने कहा कि उनकी पार्टी के लोकसभा के 25 सदस्यों के निलंबन की कार्रवाई लोकतंत्र पर काला धब्बा है। उन्होंने कहा कि सदन की कार्रवाई चलाने की जिम्मेदारी सरकार की है, लेकिन सरकार लोकतंत्र के खिलाफ काम कर रही है और चुन-चुनकर संस्थाओं को समाप्त कर रही है। डा. मनमोहन सिंह और राहुल गांधी भी काली पट्टी बांधे हुए थे। धरने में पूर्व मंत्री एके एंटनी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, रेणुका चौधरी, कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया आदि ने भी हिस्सा लिया। कांग्रेस के कई सदस्य काला चोगा भी पहने हुए थे और वे काले झंडे लहरा रहे थे। समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सुप्रिया सुले, राष्ट्रीय जनता दल के जयप्रकाश नारायण यादव और जनता दल (यू) के अली अनवर ने भी धरनास्थल पर आकर कांग्रेस के साथ एकजुटता व्यक्त की।