नई दिल्ली/इस्लामाबाद - मुंबई पर 2008 में हुए आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान भले ही कहता रहा हो कि इस हमले की योजना उसकी धरती पर नहीं बनी थी, लेकिन पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी के महानिदेशक तारिक खोसा के एक लेख ने ही उसकी पोल खोल दी है। खोसा ने स्वीकार किया है कि 2008 के मुंबई हमलों की साजिश पाकिस्तान की धरती पर ही रची गई थी। डॉन अखबार के लिए लिखे गए तारिक के लेख के मुताबिक, पाकिस्तान को उन लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए, जो मुंबई हमले में शामिल थे।
तारिक ने पाक को खरी-खरी सुनाते हुए लिखा है कि पूरे सुरक्षा तंत्र को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मुंबई हमले के दोषियों और उसके मास्टरमाइंड लोगों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत सजा दी जाए। यह केस लंबे समय से आगे नहीं बढ़ रहा है। गौरतलब है कि खोसा की ही अगवाई में पाकिस्तान सरकार ने इस हमले की जांच कराई थी। खोसा ने अपने लेख में कहा कि कसाब पाकिस्तान का नागरिक था और उसे सिंध के थट्टा में लश्कर-ए-तोएबा के आतंकी शिविर में ट्रेनिंग दी गई थी। आतंकियों के प्रशिक्षण शिविर की पहचान कर ली गई थी। यही नहीं, मुंबई हमले में इस्तेमाल विस्फोटक सामग्री भी यहां पाई गई थी और दोनों का मिलान किया गया था।
आतंकियों ने जिस बोट के जरिए भारतीय जल सीमा में मछुआरों की नाव को हाईजेक किया था, वह वापस लौट आई थी, जिसे जांचकर्ताओं ने बरामद किया था और आतंकियों की ओर से इसे इस्तेमाल किए जाने की पुष्टि की थी। खोसा ने पाकिस्तान की धरती पर रचे गए षड्यंत्र को उजागर करते हुए लिखा है कि कराची में जिस आपरेशन रूम में पूरी साजिश रची गई थी, उसकी पहचान कर ली गई थी। इसके अलावा आतंकी हमले के लिए निर्देश देने वाले कमांडर और उसके सहायक की भी पहचान हो गई थी। यही नहीं, हमले को अंजाम देने के लिए फंडिंग करने वाले दो विदेशी लोगों को गिरफ्तार किया गया था और उनके खिलाफ मामला भी चलाया गया।