नई दिल्ली - भारत सरकार ने टेलीकॉम आपरेटरों और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडरों को 857 पोर्न साइट्स को ब्लाक करने को कहा है। केंद्र सरकार के इस कदम को नागरिकों के निजी जीवन में सेंध और अपने घर की चारदीवारी में अडल्ट कांटेंट देखने के अधिकार का हनन माना जा रहा है। केंद्र के इस फरमान के खिलाफ विरोध के सुर तेज होने लगे हैं। सोशल मीडिया पर इसे लेकर तो पहले से ही उबाल था, अब जाने-माने लोगों ने भी इसके खिलाफ आवाज उठानी शुरू कर दी है। कांग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा ने कहा है कि सरकार का यह फैसला भारत के तालिबानीकरण की ओर एक और कदम है। देवड़ा ने ट्वीट कर इस पर सवाल उठाए।
यह निजी पसंद को हाईजेक करने के समान है। क्या अब टीवी और फोन पर बैन लगाया जाएगा! दूसरी तरफ यूजर्स ने शिकायत की कि कुछ ऐसी अडल्ट वेबसाइट्स भी ब्लाक कर दी गई हैं, जिनमें कोई पोर्नोग्राफिक कांटेंट नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार चाइल्ड पोर्न के खिलाफ कदम उठाने की आड़ लेकर इन वेबसाइट्स पर एक्शन ले रही है और नागरिकों के निजी जीवन में हस्तक्षेप कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर चिंता जताते हुए कहा था कि एक नागरिक को अपने बेडरूम में अडल्ट वेबसाइट्स देखने से नहीं रोका जाना चाहिए। उधर, फिल्मकार रामगोपाल वर्मा ने कहा कि इस तरह के कदम उठाने से सरकार अपनी ही छवि गिरा रही है।