नई दिल्ली - बारिश और बाढ़ से देश के छह राज्यों मणिपुर, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, गुजरात और राजस्थान में हालात सबसे खराब हो गए हैं। बारिश और बाढ़ से अब तक 160 लोगों की मौत हो चुकी है। जम्मू-कश्मीर के लेह में साबू गांव बह गया है। लेह में पिछले दो दिन से हो रही बारिश के कारण रविवार रात नदी का लेवल बढ़ गया। तेज बहाव के साथ आए बाढ़ के पानी में गांव के अधिकतर कच्चे मकान बह गए। चारों तरफ पानी भर जाने के कारण गांव के अंदर अभी भी हजारों लोगों के फंसे होने की खबर है। इनमें से कई विदेशी टूरिस्ट भी बताए जा रहे हैं। अचानक बादल फटने को भी गांव बह जाने की एक वजह माना जा रहा है।
साबू गांव लेह एयरपोर्ट से सात किमी दूर मनाली-लेह हाई-वे पर है। उधर, बाढ़ से सबसे ज्यादा बेहाल पश्चिम बंगाल में सोमवार सुबह एक बस बह गई। हालांकि, बीरभूम में हुए इस हादसे में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। पश्चिम बंगाल के 12 जिलों में बाढ़ आ गई है। दुर्गापुर बैराज से पानी छोड़े जाने से हावड़ा, हुबली, बर्दवान, दक्षिण 24 परगना और पश्चिमी मिदनापुर में जिलों में हालात खराब हैं। करीब 2.14 लाख लोग रिलीफ कैंपों में हैं। कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बर्धवान जिला में बाढ़ से निपटने के लिए आर्मी को बुलाया गया है। वहीं बारिश और बाढ़ के कारण मणिपुर में 30 साल बाद ऐसी बाढ़ आई है।
शनिवार शाम लैंड स्लाइड के कारण चंदेल जिले में 21 लोगों की मौत हो गई थी। मणिपुर में एनडीआरएफ की टीमें रेस्क्यू में लगी हैं। गुजरात में बाढ़ के बाद आर्मी की 24 टीमें रेस्क्यू का काम कर रही हैं। गुजरात के 14 जिलों में बाढ़ आ गई है। इससे 40 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। राजस्थान में बाढ़ जैसे हालात के बीच चार लोग बह गए हैं।