नई दिल्ली - ललित मोदी प्रकरण तथा व्यापम घोटाले में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और राजस्थान तथा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से लोकसभा की कार्यवाही में बाधा डाल रहे कांग्रेस के 25 सदस्यों के खिलाफ असाधारण कदम उठाते हुए अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सोमवार को उन्हें लगातार पांच दिन के लिए सदन से निलंबित कर दिया। श्रीमती महाजन ने इन सदस्यों को नियम 374 ए के तहत निलंबित किया है। इस नियम में प्रावधान है कि यदि कोई सदस्य अध्यक्ष के आसन के समीप आकर नारेबाजी करके या अन्य तरीके से सदन की कार्यवाही में जान बूझकर बाधा डालता है और नियमों का उल्लंघन करता है तो अध्यक्ष द्वारा सदस्य का नाम लिए जाने पर वह स्वत: ही लगातार पांच दिन के लिए सदन से निलंबित माना जाएगा।
नियम में यह भी प्रावधान है कि सदन कभी भी प्रस्ताव लाकर निलंबन को समाप्त कर सकता है। अध्यक्ष ने जिन सदस्यों को निलंबित किया है उनमें विसेंट पाला, गौरव गोगोई, सुष्मिता देव, दीपेंद्र हुड्डा, के सुरेश, राजीव सातव, केसी वेणुगोपाल, रवनीत सिंह बिट्टू, एसपी मुद्दाहनुमेगौड़ा, केएच मुनियप्पा, एमके राघवन, ताम्रध्वज साहू, रंजीता रंजन, रामचंद्रन मुल्लापल्ली, बीएन चंद्रप्पा, संतोख सिंह चौधरी, अबू हसन खान चौधरी, आर ध्रुवनारायण, निनोंग एरिंग, सुकेंद्र रेड्डी, सुरेश कोडिकुनिल, अभिजीत मुखर्जी, वीवी नायर, सीएल रुवाला तथा डा. टी मेन्या के नाम शामिल हैं। श्रीमती महाजन ने कहा कि इन सदस्यों ने उनके बार-बार चेतावनी देने के बावजूद सदन की कार्यवाही में बाधा डाली है और तख्तियां आदि लहराई हैं। यह देखते हुए वह उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
सदस्यों के निलंबन के बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी। उधर, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने लोकसभा से पार्टी के 25 सांसदों को पांच दिन के लिए निलंबित किए जाने पर गहरा क्षोभ व्यक्त करते हुए इसे देश और लोकतंत्र के लिए ‘काला दिन’ करार दिया है। इस बीच, कांग्रेस के बाकी सभी सांसदों के साथ तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने पांच दिनों तक लोकसभा की कार्यवाही के बहिष्कार का ऐलान किया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए यह भी कहा कि कल तक दोनों सदनों में आंदोलनकारी रहे लोग आज अचानक बहस और चर्चा के चैंपियन बन बैठे हैं। श्रीमती महाजन ने निलंबन के पहले सदन में कहा था कि वह लगातार नौ दिन से सदस्यों से तख्तियां नहीं दिखाने और अपनी सीटों पर जाने की बार-बार अपील कर रही हैं, लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ सदस्य 350 लोगों के हक को दबा रहे हैं जो सदन में अपनी बात रखना चाहते हैं। लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े ने कहा कि सदन में तख्तियां एवं पोस्टर लहराना कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई के बाद तृणमूल कांग्रेस, वामदलों, आम आदमी पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, समाजवादी पार्टी आदि के नेताओं ने वहां इस मुद्दे पर एकजुट रणनीति बनाने का विचार रखा है। इस बीच तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंदोपाध्याय, राकांपा के तारिक अनवर और आम आदमी पार्टी के नेता भगवंत मान ने कहा कि उनकी पार्टियां कांग्रेस का समर्थन करेंगी और पांच दिन तक सदन का बहिष्कार करेंगी।