नई दिल्ली 28 फरवरी - संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को चलाने वाले ग्रामीण मंत्रालय के आंवटन में दमदार वृद्धि की गई है. गुरुवार को लोकसभा में पेश वर्ष 2013-14 के आम बजट में ग्रामीण मंत्रालय को पिछले वर्ष के मुकाबले 46 प्रतिशत अधिक राशि दी गई है.
पी. चिदंबरम ने बजट भाषण में कहा, "हम अनुमान करते हैं कि वे मौजूदा वर्ष के अंत के पहले 55,000 करोड़ रुपए खर्च करने में सक्षम होंगे. मैं 2013-14 के लिए 80,194 करोड़ रुपए आवंटन का प्रस्ताव रखता हूं." ग्रामीण विकास मंत्रालय सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं- महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण स्वरोजगार गारंटी योजना (एमजीएनआरजीएस), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) और इंदिरा आवास योजना (आईएवाई) का संचालन करता है. संशोधित अनुमान के तहत एमजीएनआरजीएस को पिछले वर्ष के 29,000 करोड़ रुपए के विरुद्ध 33,000 करोड़ रुपए प्राप्त होगा. ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने पत्रकारों को बताया कि एमजीएनआरजीएस की आवंटित राशि उसके द्वारा खर्च की गई राशि के आधार पर दी गई है लेकिन पीएमजीएसवाई की आवंटित राशि मे कमी की गई है. यह पिछले वर्ष के 24,000 करोड़ रुपए से घटाकर 21,700 करोड़ रुपए कर दी गई है. ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा, "इसका कारण यह है कि हम 10,000 करोड़ रुपए ही खर्च कर सके हैं." वहीं, पी. चिदम्बरम ने कहा कि पीएमजीएसवाई का लक्ष्य अनेक राज्यों में पूरा हो चुका है. जो राज्य इस दिशा और कुछ करना चाहते है उनके लिए पीएमजीएसवाई-2 शुरू करने का प्रस्ताव किया गया है. इस नई योजना के लिए राशि का एक हिस्सा दिया जा रहा है. पीएमजीएसवाई-2 का लाभ आंध्र प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पंजाब और राजस्थान को मिलेगा. एक अन्य महत्वाकांक्षी योजना इंदिरा आवास योजना (आईएवाई) को 15,184 करोड़ रुपए आवंटित किया गया है. पीने का पानी और स्वच्छता के लिए 15,260 करोड़ रुपए दिए गए हैं. वित्त मंत्री ने जल शुद्धीकरण प्लांट लगाने के लिए भी 1,400 करोड़ रुपए आवंटित किया है. देश में अभी भी 2,000 आर्सेनिक प्रभावित और 12,000 फ्लूराइड प्रभावित बस्तियां हैं.