नई दिल्ली 28 फरवरी - देश के आर्थिक विकास में आई गिरावट को दूर करने की उम्मीदों के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम लोकसभा में गुरुवार को देश का 82वां आम बजट पेश कर रहे हैं. चिदम्बरम ने अपने भाषण की शुरुआत में सभी राजनीतिक दलों और संबद्ध पक्षों से देश की अर्थव्यवस्था को मौजूदा संकट से बाहर निकालने में सहयोग का अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि पिछले वर्षो में आर्थिक विकास की दर आठ-नौ प्रतिशत रही थी, जिसे फिर से हासिल करना मुख्य चुनौती है. चिदम्बरम देश के लिए आठवीं बार आम बजट पेश कर रहे हैं. उन्होंने कहा, "हमने ऐसा पहले किया है और हम ऐसा फिर कर सकते हैं. अंतिम परिणाम जो भी हो, विकास उम्मीदों से कम है. लेकिन इसे लेकर निराश होने की आवश्यकता नहीं है."
आम बजट के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं : संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन-1 के कार्यकाल के दौरान औसत विकास दर आठ फीसदी
- तेल एवं सोने के अधिक आयात के कारण चालू खाता घाटा चिंताजनक
- चालू खाता घाटा के वित्तीयन के लिए 75 अरब डॉलर की जरूरत होगी
- आर्थिक प्राथमिकताओं के अनुरूप प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को प्रोत्साहित करने की जरूरत
- थोक मूल्य पर आधारित महंगाई दर (डब्ल्यूपीआई) घटकर सात फीसदी, खाद्य महंगाई दर अब भी चिंताजनक
- भारतीय अर्थव्यवस्था कठिन दौर से गुजर रही है.
- ऊंची विकास दर हासिल करना भारत के लिए बड़ी चुनौती.
-विकास की दौड़ में हमसे कई पीछे छूटे.
-महिला और विकास कल्याण के लिए 2000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था.
-सेंसेक्स में 125 पॉइंट्स का उछाल है.
-अगली पंचवर्षीय योजना में 8 फीसदी की विकास दर का लक्ष्य है.
-खाने-पीने की चीजों में महंगाई चिंता की बात है.
-हम चाहते हैं कि विदेशों से पैसा आए.
-बड़ी चुनौती 8 फीसदी की विकास दर हासिल करना है.
-हर तबके पर ध्यान देना जरूरी है. अनुसूचित जाति और जनजाति के लोग और अल्पसंख्यक लोग पीछे छूटे हुए हैं. हम महिलाओं में सभी का विकास चाहते हैं.
-कृषि मंत्रालय के लिए 27 हजार 49 करोड रुपये.
-फसल विविधिकरण के लिए 500 करोड रुपये का प्रावधान.
-आर्सेनिक फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्री में जल शोधन संयंत्र लगाने के लिए 1400 करोड रुपये का प्रावधान.
-3415 करोड रुपये कृषि शोध के लिए.
0,000 करोड़ रुपये फूड सिक्योरिटी बिल के लिए दिये जाने का प्रस्ताव.
-फूड सिक्योरिटी बिल जल्द से जल्द पास होगा.
-रांची में बायोटेक संस्थान बनेगा
-भारत दूध और दाल में नंबर वन है.
-कृषि कर्ज के लिए 7 लाख करोड़
-कोकोनेट गार्डन योजना को पूरे केरला में फैलाया जाएगा. इसके लिए 75 करोड़
-कृषि के लिए प्राइवेट बैंक भी कर्ज देंगे.
-200 करोड़ रुपये से एक पाइलट प्रॉजेक्ट शुरु किया जाएगा जिसमें बेहतर गुणवत्ता वाली फसलें उगाने पर काम होगा.
-छोटे किसानों के लिए, जल प्रबंधन के लिए 5387 करोड़ रुपये
-500 करोड़ क्रॉप डाइवर्सिफिकेशन प्रोग्राम के लिए.
-पूर्व भारत में ग्रीन रेवॉल्यूशन को बड़ी सफलता मिली है. 1000 करोड़ रुपये पूर्वोत्तर राज्यों के लिए.
-ग्राम सड़क योजना के लिए 21700 करोड़ रुपये
-महिलाओं के लिए 97 हजार करोड़ रुपये.
-बच्चों के लिए 77 हजार करोड़ रुपये
-मानव संसाधन के लिए 65000 करोड़ रुपये
-मनरेगा के लिए 33 हजार करोड़ रुपये.
-एसी-एसटी छात्राओं के लिए स्कॉलरशिप शुरू होगी.
-14000 करोड़ रुपये से जलशुद्धिकरण प्लांट लगाए जाएंगे.
-आदिवासी विकास के लिए 25000 करोड़
-मिड डे मील के लिए 13250 करोड़
-शहरी स्वास्थ्य योजना शुरू होगी.
- मध्याह्न् भोजन योजना के लिए 13,250 करोड़ रुपये आवंटित
- एकीकृत बाल विकास योजना के लिए 17,700 करोड़ रुपये आवंटित
- पेय जल और स्वच्छता मंत्रालय के लिए 15,260 करोड़ रुपये
- ग्रामीण विकास मंत्रालय को आवंटन 46 फीसदी अधिक 80,294 करोड़ रुपये, ग्रामीण रोजगार योजना के लिए 33 हजार करोड़ रुपये
- 2013-14 के लिए बजटीय खर्च 16 लाख 65 हजार 297 करोड़ रुपये, योजनागत खर्च पांच लाख 55 हजार 224 करोड़ रुपये
- अनुसूचित जाति योजना के लिए 41 हजार करोड़ रुपये
- महिलाओं के विकास के लिए 97 हजार करोड़ रुपये
- विकलांगता विभाग के लिए 110 करोड़ रुपये
- स्वास्थ्य मंत्रालय के लिए 37 हजार 330 करोड़ रुपये
-12वीं पंचवर्षीय योजना में आधारभूत ढांचा क्षेत्र के लिए एक लाख करोड़ रुपए के निवेश का लक्ष्य.
-डीएमआईसी परियोजना के लिए जरूरत पडने पर पूंजी उपलव्ध कराई जाएगी.
-राजीव गांधी शेयर निवेश योजना की अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये से बढाकर 12 लाख रुपए की गयी.
-1000 करोड रुपए के निवेश पर मिलेगा 15 प्रतिशत निवेश भत्ता.
-राष्ट्रीय लाइवस्टॉक मिशन शुरु होगा 307 करोड रुपये से.
-10 लाख युवकों के कौशल विकास के लिए 1000 करोड रुपए.
-महिलाओं के सशकितकरण के लिए एक हजार करोड रुपये का विशेष कोष.
-नेशनल इंस्टीट्यूट आफ स्पोर्ट्स कोचिंग पटियाला में 250 करोड़ रुपये प्रावधान से बनेगा.
-204 शहरों में एफएम रेडियों का प्रस्ताव.
-रक्षा बजट में 23672 करोड रुपये बढाए गए.
-गैर संगठित क्षेत्र के लिए स्वास्थ्य. जीवन बीमा और भातृत्व बीमा लाभ योजना.
-पांच लाख रुपये तक की आय वाले को कर में दो हजार रुपये की छूट.
-आयकर सीमा और स्लैब में कोई बदलाव नहीं.
-वित्त वर्ष 2013-14 में राजकोषीय घाटा 4.8 प्रतिशत रहने का अनुमान.
कौशल विकास के लिए 1000 करोड़ रुपये
वर्ष 2013-14 के लिए गुरुवार को लोकसभा में पेश आम बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने युवाओं में रोजगारोन्मुख कौशल विकास के लिए 1,000 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की. चिदंबरम ने कहा, "अगर यह माना जाए कि हर साल 10 लाख युवाओं को प्रोत्साहित किया जाता है, तो कुशलता प्राप्त युवा रोजगार और उत्पादकता में अत्यधिक वृद्धि कर सकते हैं."वित्त मंत्री ने 'लक्ष्य' के लिए 1,000 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव रखा और कहा कि यह देश में कौशल विकास की प्रक्रिया को सक्रिय करेगा.उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कौशल विकास निगम को विभिन्न दक्षता क्षेत्र में प्रशिक्षण के लिए पाठ्यक्रम और मानक तय करने के लिए कहा जाएगा. प्रशिक्षण के बाद परीक्षा पास करने वाले युवा को औसत रूप से 10 हजार रुपये दिए जाएंगे.
केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम के 2013-14 के आम बजट को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रदेश की समाजवादी पार्टी (सपा) ने निराशाजनक करार दिया, वहीं कांग्रेस और उसके सहयोगी दल राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने इसकी सराहना की.सत्तारूढ़ दल सपा के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने आम बजट को बिल्कुल 'बेकार' बजट बताया. उन्होंने कहा कि इसे बनाने में जनभावनाओं का ख्याल नहीं रखा गया. इसमें किसानों, नौजवानों और अल्पसंख्यकों के लिए कुछ नहीं है.कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि यह काफी उम्दा बजट है. इसमें सभी के लिए कुछ न कुछ है. इसमें महिलाओं, युवाओं और किसानों का खास ख्याल रखा गया है. इस बजट से भविष्य की चुनौतियों से आसानी से निपटा जा सकता है. कुल मिलाकर बेहद संतुलित बजट है.रालोद के प्रदेश अध्यक्ष मुन्ना सिंह चौहान ने बजट को संतोषजनक बताया. इसमें खाद्य सुरक्षा गारंटी की दिशा में अच्छा कदम उठाया गया है. यदि राज्य सरकारें ईमानदारी से काम करें तो काफी लोगों का भला हो सकता है. बजट में किसानों के साथ-साथ नौजवानों का भी खास ख्याल रखा गया है.भाजपा कलराज मिश्र ने कहा कि वर्ष 2013-14 का आम बजट 'आंकड़ों के मकड़जाल' के अलावा कुछ नहीं है.मिश्र ने कहा, "पी. चिदंबरम ने बजट के माध्यम से लोगों को आंकड़ों के मकड़जाल में फंसाने की कोशिश की है. बढ़ती महंगाई से कैसे निपटा जाए, इसके लिए बजट में कुछ भी नहीं कहा गया है."कलराज के अनुसार, बजट में कई प्रकार के प्रलोभन दिए गए हैं. बजट में यह नहीं बताया गया है कि पैसा कहां से और किस तरह आएगा. पिछली बार की तुलना में राजस्व घाटा अधिक हुआ है. जीडीपी भी नहीं बढ़ा है. इन सब चीजों पर कोई भरोसाजनक उत्तर नहीं दिया गया है. इसलिए यह एक निराशाजनक बजट है. उन्होंने कहा कि बजट में किसानों और युवाओं का भी कोई खास ख्याल नहीं रखा गया है. इस बजट के बाद महंगाई आसमान छुएगी.
लेह-कारगिल ट्रांसमिशन लाइन के लिए 226 करोड़ रुपये
केंद्रीय वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने गुरुवार को संसद में वर्ष 2013-14 का आम बजट पेश करते हुए कहा कि लेह-कारगिल क्षेत्र में बिजली आपूर्ति में सुधार लाने के लिए सरकार श्रीनगर से लेह तक एक ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण कर रही है. उन्होंने इस परियोजना के लिए वर्ष 2013-14 में 226 करोड़ रुपये प्रदान करने का प्रस्ताव किया. चिदम्बरम ने कहा कि लद्दाख क्षेत्र को उत्तरी ग्रिड से जोड़ने के लिए सरकार 1,840 करोड़ रुपये की लागत पर श्रीनगर से लेह तक एक ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण कर रही है.
बजट पर शेयर बाजार ठंडा रहा।