लखनऊ - प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी और सांसद डिम्पल यादव 2017 में प्रस्तावित उत्तराखंड विधानसभा के चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) का चेहरा हो सकती हैं। पार्टी सूत्रों का दावा है कि श्रीमती डिम्पल यादव की कार्यकर्ताओं में बढती लोकप्रियता और उन्हें उत्तराखंड भेजे जाने की उठ रही मांग को देखते हुए वहां के विधानसभा चुनाव में उन्हें पार्टी आगे कर सकती है। पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव समेत कन्नौज से सांसद डिम्पल यादव का देश में एकमात्र परिवार है, जिसके पांच सदस्य लोकसभा और एक सदस्य राज्यसभा में है। परिवार का एक सदस्य उत्तर प्रदेश विधान परिषद का सदस्य और सूबे का मुख्यमंत्री तथा एक विधानसभा का सदस्य तथा मंत्री है।
पीसीएफ का चेयरमैन भी उन्हीं के कुनबे से है। श्रीमती यादव के परिवार से यू पी कोआपरेटिव बैंक, भूमि विकास बैंक, इटावा सहकारी बैंक समेत सहकारिता की कई संस्थाओं के अध्यक्ष अथवा निदेशक हैं। सूत्रों का कहना है कि कन्नौज की सांसद को आगे कर सपा उत्तराखंड में राजपूत और पिछडे मतदाताओं पर डोरे डालने की जुगत में है। वह राजपूत हैं और उनके मायके के लोग देहरादून में रहते हैं। उत्तराखंड सपा अध्यक्ष डा. सत्यनारायण सचान ने पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव से श्रीमती यादव को वहां भेजने की गुजारिश की थी। उनका दावा है कि श्रीमती यादव को आगे करने से उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव में भी इसका लाभ मिल सकता है।
सपा नेता और वनस्पति शास्त्र के प्रोफेसर डा. सचान का कहना है कि विधानसभा चुनाव के सेमीफाइनल के रुप में देखे जा रहे पंचायत चुनावों में भी इससे लाभ मिलेगा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव इसी वर्ष अक्टूबर-नवम्बर में प्रस्तावित हैं। पार्टी नेता राजकिशोर यादव का कहना है कि 1090 हेल्पलाइन महिलाओं के लिए किये जा रहे कार्यों की योजना बनाने में श्रीमती यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। श्री राजकिशोर ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि उत्तराखंड के चुनाव की कमान श्रीमती यादव के हाथों में रही तो पार्टी निश्चित रुप से विजय हासिल करेगी। उनका कहना है कि श्रीमती यादव को उत्तराखंड की कमान सौंपने का फैसला हालांकि पार्टी हाईकमान या संसदीय बोर्ड लेगा, लेकिन उत्तराखंड के कार्यकर्ता चाहते हैं कि कन्नौज की सांसद हिमालयी राज्य की बागडोर संभाले। उन्होंने दावा किया कि श्रीमती यादव की वजह से काशीपुर, उधमसिंह नगर, हरिद्वार और उत्तरकाशी जिलों समेत कुमायूं और गढवाल क्षेत्र की तमाम सीटें सपा की झोली में आ सकती हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की तरह पार्टी का उत्तराखंड में पार्टी का अच्छा जनाधार है। जरूरत है उन्हे एकजुट करने की। उनका कहना है कि श्रीमती यादव के आने से उत्तराखंड चुनाव में मतदाता सपा के पक्ष में एकजुट हो सकते हैं।