नयी दिल्ली - सरकार ने सभी केंद्रीय कर्मचारियों से कहा है कि है वे अपनी संपत्तियों व देनदारियों का दो साल का ब्यौरा 15 अक्टूबर तक दाखिल कर दें । लोकपाल कानून के तहत इस तरह की जानकारी देना अनिवार्य है। कार्मिक व प्रशिक्षण विभाग ने इस बारे में सभी केंद्रीय मंत्रालयों के सचिवों को परिपत्र भेजा है। इसके अनुसार कर्मचारियों को एक अगस्त 2014 तक की आस्तियों व देनदारियों के बारे में पहला रिटर्न और 31 मार्च 2015 तक की आस्तियों व देनदारियों के ब्यौरे के साथ दूसरा रिटर्न इस साल 15 अक्तूबर तक दाखिल करना है। सचिवों से कहा गया है कि वे अपने अधीन आने वाले सभी अधिकारियों तथा उनके मंत्रालयों के नियंत्रण में आने वाली सार्वजनिक इकाइयों व संगठनों के अधिकारियों से इनका अनुपालन सुनिश्चित कराएं।
लोकपाल कानून के तहत नियमों के तहत प्रत्येक लोकसेवक यानी सरकारी कर्मचारी को अपनी संपत्तियों व देनदारियां का ब्यौरा हर साल 31 जुलाई तक देना होगा। इसमें उस साल 31 मार्च तक का ब्यौरा शामिल होगा। साल 2014 के लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 15 सितंबर थी जिसे बढाकर दिसंबर आखिर तक, उसके बाद 30 अप्रैल तक और अब 15 अक्टूबर तक कर दिया गया है। कर्मचारियों को बढी हुई तारीख तक 2015 के लिए अपनी संपत्तियों का रिटर्न भी दाखिल करना होगा।