नागपुर - गुरुवार सुबह फांसी पर चढ़ाए गए मुंबई आतंकी हमले के दोषी याकूब मेमन ने एक दिन पहले अपने करीबियों से मुलाकात की थी। इस दौरान वह रोने लगा था। फांसी से पहले अन्य कैदियों और जेलकर्मियों से उसने कहा कि अगर कोई गलती हो गई हो तो माफ कर देना।
रिपोर्ट्स के मुताबिक जिस वॉर्ड में याकूब को रखा गया था, वहां पर एक महिला कैदी समेत 15 कैदी बंद थे। आखिर में याकूब को छोड़कर बाकी कैदियों को अन्य वॉर्ड्स में शिफ्ट कर दिया गया था। याकूब को खुले सेल में रखा गया था, जहां पर किसी तरह की चेन नहीं थी। मगर बाहर तैनात गार्ड पूरी नजर रख रहे थे कि कहीं वह खुदकुशी की कोशिश न करे।
फांसी से एक दिन पहले याकूब अपने भाई सुलेमान से मिला था। इस दौरान उसकी आंखों से आंसू छलक पड़े थे। फांसी से पहले याकूब अपने साथी कैदियों से भी मिला। वहां तैनात जेलकर्मियों से भी उसने कहा कि अगर किसी तरह की गलती या भूल-चूक हुई हो तो उसे माफ कर दिया जाए।
खबरों के मुताबिक गुरुवार सुबह कुरान पढ़ने के बाद याकूब को मेडिकल चेकअप के लिए ले जाया गया, मगर याकूब ने चेकअप करवाने से इनकार कर दिया। उसने डॉक्टरों से कहा कि वह एकदम फिट है। इसके बाद तय नियमों और प्रक्रिया के तहत उसे फांसी दी गई।