रामेश्वरम - पूर्व प्रेजिडेंट डा. एपीजे अब्दुल कलाम के पार्थिव शरीर को उनके होमटाउन रामेश्वरम के श्वार्ट्ज स्कूल के मैदान में रखा गया, जहां उनके अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। इसी स्कूल में कलाम ने पढ़ाई की थी। केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने जानकारी दी है कि बुधवार शाम आठ बजे तक कलाम के पार्थिव शरीर को आम लोगों के दर्शन के लिए रखा गया। उसके बाद शव को कलाम के परिवार को सौंप दिया गया।
कलाम का पार्थिव शरीर लेकर आ रहा हेलिकाप्टर बुधवार शाम चार बजे मंडपम में बनाए गए हेलिपैड पर पहुंचा। तिरंगे में लिपटे कलाम के पार्थिव शरीर को आर्मी की गाड़ी में स्कूल तक ले जाया गया। इस दौरान सडक़ के दोनों तरफ लोग अपने नेता की अंतिम झलक पाने के लिए खड़े थे। पूर्व प्रेजिडेंट के पार्थिव शरीर को स्पेशल प्लेन के जरिए नई दिल्ली से मुदरै लाया गया। मदुरै से हेलिकाप्टर के जरिए पार्थिव शरीर रामेश्वरम पहुंचा। शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू और रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर पार्थिव शरीर के साथ मदुरै पहुंचे। डा. कलाम को रामेश्वरम में गुरुवार को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
नायडू ने जानकारी दी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। हालांकि, तमिलनाडु की सीएम जयललिता नहीं होंगी। जया ने अपने सात मंत्रियों को अंतिम संस्कार में शामिल होने को कहा है। जया ने बुधवार को कहा कि वह बीमार होने के कारण अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाएंगी। तमिलनाडु की सीएम जयललिता ने कहा है कि सरकार कलाम को सुपर्द-ए-खाक करने के लिए जमीन देगी।