नई दिल्ली - पंजाब के गुरदासपुर में सोमवार को हुए आतंकी हमले में दहशतगर्दो के पाकिस्तान के आने के पक्के सबूत मिले हैं। आतंकियों से बरामद दो जीपीएस डिवाइस की जांच से खुलासा हुआ है कि आतंकी पाकिस्तान के शकरगढ़ इलाके से भारत आए थे। जांच में आतंकियों के लोकेशन और मूवमेंट को ट्रैक करने पर पता चला है कि तीनों आतंकवादी रविवार रात को पाकिस्तान के शकरगढ़ के निकट गहरोत गांव से हिंदोस्तानी सीमा की ओर बढ़े थे। पूर्व दिशा में आगे बढ़ते हुए आतंकियों ने रावी नदी को पार करने के बाद भारतीय सरजमीं पर बामियाल गांव में कदम रखा था। सोमवार सुबह पंजाब में हुए आतंकी हमले में शामिल आतंकवादियों की तस्वीर एक वीडियो फुटेज में सामने आई है।
फुटेज में आतंकी सुबह चार बजकर 55 मिनट पर दीनानगर थाना से पहले पडऩे वाले एक नाके के पास से गुजरते दिख रहे हैं। इस नाके के पास स्थित एक डाक्टर के मकान के बाहर यह सीसीटीवी लगा हुआ था। यह फुटेज महज कुछ सेकंड की ही है, जिसमें वे सेना की वर्दी में हथियारों से लैस नजर आ रहे हैं। जिस घर में यह सीसीटीवी कैमरा लगा था, उसके मालिक ने बताया कि जब उन्हें यह जानकारी मिली थी कि आतंकी उसी तरफ से गए थे, तो उन्होंने अपना सीसीटीवी फुटेज खंगाला, जिसमें उन्हें ये तीनों दिखाई दिए।
उधर, पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने गुरदासपुर जिले के दीनानगर में सोमवार को हुए आतंकी हमले के मद्देनज़र पाकिस्तान के भारत में उच्चायुक्त अब्दुल बासित के साथ 29 जुलाई को यहां होने वाली शिष्टाचार बैठक रद्द कर दी है। श्री बासित ने अपने 29 जुलाई से पहली अगस्त तक के चंडीगढ़ दौरे के कार्यक्रम के दौरान श्री बादल से शिष्टाचार भेंट करने का आग्रह किया था।