नई दिल्ली - पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का पार्थिव शरीर मंगलववार को शिलांग से यहां उनके सरकारी आवास 10 राजाजी मार्ग लाया गया, जहां उनके अंतिम दर्शन के लिए अनेक गणमान्य व्यक्तियों समेत बड़ी संख्या में लोगों का तांता लग गया। इससे पूर्व डा. कलाम का पार्थिव शरीर भारतीय वायुसेना के विमान से पालम हवाई अड्डे लाए जाने पर प्रोटोकाल से हटकर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने वहां जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तथा तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्री मुखर्जी, श्री अंसारी तथा श्री मोदी ने बाद में डा. कलाम के आवास पर जाकर भी उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा शोक पुस्तिका में अपना संदेश भी लिखा। प्रधानमंत्री ने दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति के परिजनों से भी काफी देर बात की। पूर्व राष्ट्रपति का पार्थिव शरीर उनके आवास पर पहुंचने से पहले ही बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचने शुरू हो गए थे। उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए देर रात तक लोगों की लाइनें लगी हुई थीं। उधर, पूर्व राष्ट्रपति तथा भारत रत्न डा. एपीजे अब्दुल कलाम को मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई और राष्ट्र के प्रति उनकी अतुलनीय सेवाओं को याद किया गया। लोकसभा और राज्यसभा में कार्यवाही शुरू होते ही डा. कलाम को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्यवाही गुरुवार यानी 30 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी गई।
दोनों सदनों में सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार सुबह केंद्रीय मंत्रिमंडल की तत्काल बैठक बुलाकर डा. कलाम को श्रद्धांजलि दी गई। डा. कलाम के निधन पर सात दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है, लेकिन किसी छुट्टी का ऐलान नहीं किया गया। पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डा. एपीजे अब्दुल कलाम को गुरुवार सुबह 11 बजे तमिलनाडु में उनके पैतृक गृह नगर रामेश्वरम में पूरे सैन्य सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। उनके पौत्र एपीजेएमके शेख सलीम ने रामेश्वरम में बताया कि केंद्र तथा तमिलनाडु सरकार से जानकारी मिली है कि पूर्व राष्ट्रपति का पार्थिव शरीर बुधवार दोपहर को रामेश्वरम लाया जाएगा।
उनके पार्थिव शरीर को रामेश्वरम में नए बस स्टैंड के निकट के मैदान में लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। गुरुवार को सुबह 11 बजे उनके पार्थिव शरीर को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्रियों, कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के उनकी अंत्येष्टि में शामिल होने की संभावना है।