नई दिल्ली - कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वढेरा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बीजेपी ने उनके खिलाफ गुरुवार को लोकसभा में प्रिविलेज यानी विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। अगर लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन इसे मंजूर करती हैं तो इस मुद्दे पर संसद में चर्चा हो सकती है। राबर्ट वढेरा ने दो दिन पहले सांसदों के खिलाफ फेसबुक पर टिप्पणी की थी। रॉबर्ट वढेरा ने पहले अपने फेसबुक पेज पर लिखा था कि संसद शुरू होती है और मुद्दे भटकाने की उनकी (नेताओं की) पॉलिटिक्स शुरू हो जाती है।
भारत के लोग मूर्ख नहीं हैं। यह देखकर दुख होता है कि भारत का नेतृत्व ऐसे नेता कर रहे हैं। अपने पोस्ट पर लोगों के कमेंट्स का जवाब देते हुए वढेरा ने कहा कि हमें लोकतांत्रिक व्यवस्था वाले भारत में इस तरह की तानाशाही और दखलंदाजी से जीतना होगा। मेरे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। इसलिए मैं तब तक लड़ता रहूंगा, जब तक वे मेरे खिलाफ झूठे आरोप लगाने बंद कर दें। लोकसभा में गुरुवार सुबह कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेसी सांसद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के इस्तीफे की मांग को लेकर शोर मचाने लगे। तभी राजस्थान से बीजेपी सांसद अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि वढेरा ने नेताओं पर टिप्पणी करके संसद का अपमान किया है।
मेघवाल ने इसके बाद गुरुवार दोपहर को लोकसभा के जनरल सेक्रेटरी को वढेरा के खिलाफ प्रिविलेज नोटिस भी दिया। अगर स्पीकर प्रिविलेज मोशन के नोटिस पर रजामंद होती हैं तो इस पर चर्चा हो सकती है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा सुषमा स्वराज व वसुंधरा राजे के इस्तीफे की मांग पर अडिग विपक्ष ने तीसरे दिन भी दोनों सदनों में भारी हंगामा मचाया। लोकसभा व राज्यसभा में कोई कामकाज नहीं हो सका। राज्यसभा में ललितगेट मुद्दे पर बहस की प्रक्रियागत नियमों को लेकर विपक्ष व सत्तापक्ष में तकरार हुई।