नई दिल्ली - दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच टकराव का नया दौर शुरू हो गया है। उपराज्यपाल ने दिल्ली सरकार द्वारा दिल्ली महिला आयोग पद पर स्वाति मलिवाल की नियुक्ति रद्द कर दी है। राजभवन के सूत्रों ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि सुश्री मलिवाल की नियुक्ति के लिए पहले उपराज्यपाल से अनुमति नहीं ली गई थी, इसलिए इसे रद्द कर दिया गया है। सुश्री मलिवाल को बरखा शुक्ला सिंह का कार्यकाल 18 जुलाई को समाप्त होने के बाद नियुक्त किया गया था। वह हरियाणा में आम आदमी पार्टी के नेता और श्री केजरीवाल के निकट सहयोगी नवीन जयहिंद की पत्नी हैं।
मीडिया में उनकी नियुक्ति की खबरें आने के बाद खासा विवाद हुआ था और कांग्रेस एवं भाजपा ने श्री केजरीवाल पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। श्री केजरीवाल के पूर्व सहयोगी जाने माने वकील प्रशांत भूषण ने भी दिल्ली महिला आयोग अध्यक्ष पद सुश्री मलिवाल की नियुक्ति को लेकर श्री केजरीवाल की आलोचना की थी। उनका कहना था कि इस पद पर राजनीतिक लिहाज से तटस्थ व्यक्ति की नियुक्ति होनी चाहिए, लेकिन केजरीवाल सरकार उसी परंपरा को आगे बढ़ा रही है जिस पर कांग्रेस और भाजपा चल रही थी। इससे पहले भी दिल्ली के कार्यकारी मुख्य सचिव पर शकुंतला गैमलिन की नियुक्ति को लेकर भी श्री जंग और श्री केजरीवाल खुलकर आमने सामने थे।
दोनों के बीच विवाद बढऩे के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय को नियुक्तियों और तबादलों को लेकर उपराज्यपाल के अधिकारों के लिए अधिसूचना जारी करनी पड़ी थी।स्वाति ने माना, नियुक्ति में मामूली मालीवाल ने दिल्ली महिला आयोग के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति रद्द करने के उपराज्यपाल के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह एलजी की संवैधानिक स्थिति का सम्मान करती हैं। उन्होंने कहा कि एक छोटी तकनीकी भूल है, जिसे जल्द ही दूर कर दिया जाएगा। स्वाति की नियुक्ति के बारे में दिल्ली सरकार की घोषणा के बाद से ही एलजी और सीएम में तनातनी चल रही थी।