दिल्ली - अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने के लिए केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय से सर्वश्रेष्ठ राज्य का खिताब पाने वाले पंजाब ने उपग्रह से संचालित देश का पहला सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर लिया है और इससे राज्य के सैकड़ों गांव जगमगा रहे हैं। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और अगले 7 साल में 175 लाख मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन करने की केंद्र सरकार की योजना को आगे बढ़ाते हुए पंजाब ने मई में देश का पहला उपग्रह नियंत्रित सौर बिजली संयंत्र होशियारपुर जिले के लालपुर गांव में स्थापित किया है।
इसके साथ ही राज्य में ही एक छत पर देश का सबसे बड़ा सौर बिजली उत्पादन संयंत्र भी स्थित है और यह संयंत्र अमृतसर जिले के डेरा ब्यास में है। पंजाब सरकार का कहना है कि यह केंद्र सरकार के सौर ऊर्जा उत्पादन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए उसके साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहा है। इसी का परिणाम है कि केन्द्र नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने राज्य सरकार के अक्षय ऊर्जा उत्पादन क्षेत्र में किए गए कार्यों को सराहा और अक्षय ऊर्जा दृष्टि से देश में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला राज्य घोषित किया है। पंजाब सरकार का दावा है कि 2022 तक 4200 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य है।
इस अवधि में गैर परंपरागत तरीके से कुल 5400 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाना है जिसमें 300 मेगावाट कृषि कचरे, 20 मेगावाट शहरी कचरे, 200 मेगावाट पनबिजली से और शेष अन्य तरीकों से किया जाना है। सरकार का कहना है कि राज्य में अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में भारी निवेशक आकर्षित हो रहा है। इसी आकर्षण को देखते हुए राज्य सरकार जल्द ही 225 मेगावाट की 24 नयी सौर ऊर्जा परियोजनाओं को शुरू करने पर विचार कर रही है। इन परियोजनाओं पर 1700 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद है। राज्य में सौर ऊर्जा पर 1300 करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है, जिससे 184 मेगावाट क्षमता के संयंत्र लगाए गए हैं। इसके अलावा पिछले दो वर्ष के दौरान सौर ऊर्जा से चलने वाले 105 जल पम्प भी लगाए गए हैं और 698 गांवों में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल हो रहा है।
राज्य के अक्षय ऊर्जा मंत्री का दावा है कि पंजाब जल्द ही ‘सौर ऊर्जा’ राज्य के रूप में विकसित होगा। पिछले दिनों प्रदेश के होशियारपुर जिले के गांव लालपुर में 20 एकड़ रकबे में 35 करोड़ रुपये की लागत से परियोजना के लोकार्पण के बाद उपग्रह नियंत्रित सौर बिजली संयंत्र लगाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा था कि राज्य में सौर ऊर्जा क्षेत्र में कई बड़े औद्योगिक घराने रुचि ले रहे हैं और यदि सौर ऊर्जा उत्पादन में उनके अनुमान के अनुरूप काम होता है तो पंजाब बिजली की समस्या से भी मुक्त हो जाएगा।