नई दिल्ली - दिल्ली सरकार के डिप्टी कमिश्नर- इंडस्ट्री के पद पर तैनात आरएस तोमर को सीबीआई ने दस लाख रूपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई ने एक सोसाइटी की एक कार्यकारी समिति के प्रमाणन के लिए एक करोड़ रूपये रिश्वत मांगने और पहली किस्त के तौर पर 10 लाख रूपये स्वीकार करने के आरोप में तोमर को गिरफ्तार किया है। तोमर दिल्ली सरकार के फर्म और सोसायटीज विभाग के रजिस्ट्रार भी हैं।
सीबीआई ने दावा किया कि तोमर ने सोसाइटी के अध्यक्ष से कथित तौर पर रिश्वत की मांग की थी। सोसाइटी के अध्यक्ष के पास एक बड़ा लैंड बैंक है और बैंक में अच्छी-खासी धनराशि जमा है। साल 1978 में पंजीकत हुई सोसाइटी ने अपने नवनिर्वाचित सदस्यों और अध्यक्ष के प्रमाणन के लिए तोमर के कार्यालय से संपर्क किया था। सीबीआई का कहना है कि ने तोमर ने पहले 80 लाख रूपये रिश्वत के तौर पर मांगे जिसे बाद में बढ़ाकर एक करोड़ रूपए कर दिया। शिकायतकर्ता ने सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा को इसकी सूचना दे दी।
फिर सीबीआई ने जाल बिछाकर तोमर को उस वक्त गिरफ्तार कर लिया जब वह रिश्वत की पहली किस्त 10 लाख रूपए ले रहा था। इससे पहले सीबीआई ने तोमर के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत केस दर्ज किया था और उनके टेलीफोन कॉलों की निगरानी की थी। सूत्रों के मुताबिक, तोमर के घर और दफ्तर पर छापेमारी की गई। सीबीआई अधिकारियों ने उनके घर से पांच लाख रूपये नगद बरामद किए हैं।