मुंबई - मुंबई ब्लास्ट के दोषी याकूब मेमन को 30 जुलाई सुबह सात बजे नागपुर जेल में फांसी दी जाएगी। 22 साल पुराने मुंबई ब्लास्ट केस में यह पहली फांसी होगी। हालांकि उसकी आस उच्चतम न्यायालय की सुधार याचिका पर टिकी हुई है, जिस पर 21 जुलाई को सुनवाई होगी। याकूब मेमन की दया याचिका सुप्रीम कोर्ट से लेकर राष्ट्रपति तक ने खारिज कर दी है। राज्य सरकार की ओर से याकूब मेमन के परिवार को भी फांसी की तारीख के बारे में सूचित कर दिया गया है।
वर्ष 1993 में हुए मुंबई बम धमाकों में 260 लोगों की मौत हो गई थी और 713 अन्य घायल हो गए थे। याकूब की पुनर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट ने नौ अप्रैल को खारिज कर दी थी और उसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने टाडा अदालत से उसे फांसी देने की इजाजत लेने की कार्यवाही शुरू कर दी थी। टाडा अदालत ने उसे फांसी पर लटकाने का वारंट जारी कर दिया है। जेल में याकूब के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट और मुंबई धमाकों के मास्टरमाइंड टाइगर मेमन के भाई 53 वर्षीय याकूब को टाडा कोर्ट ने 27 जुलाई, 2007 में आपराधिक साजिश का दोषी करार देते हुए सजा-ए-मौत सुनाई थी।