नई दिल्ली - विश्व खाद्य एवं कृषि संगठन ने (एफएओ) ने कहा है कि अल नीनो की आशंकाओं के बावजूद इस वर्ष दुनिया में उम्मीद से अधिक अनाज की पैदावार होगी, लेकिन भारत समेत कई देशों में समस्याएं बनी रहेंगी। मौजूदा वर्ष में उपज की संभावनाओं का जिक्र करते हुए एफएओ की रिपोर्ट में कहा गया है कि अनुकूल मौसम के कारण एशिया में गेहूं की भरपूर फसल होगी, जिसकी अगवाई चीन और पाकिस्तान करेंगे, लेकिन भारत में कम बुआई के कारण इसकी पैदावार घटेगी।
नेपाल में भूकंप के कारण बने हालातों में बुआई नहीं हो पाई, जबकि कोरिया भारी सूखे की चपेट में हैं। रिपोर्ट में विश्व स्तर पर फसलों की संभावनाओं का ब्यौरा देते हुए कहा गया है कि जून माह में दुनिया भर में अनाज की कीमतों में 0.9 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले यह 21 प्रतिशत कम है। अनाज की कीमतें सितंबर 2009 के बाद से न्यूनतम स्तर पर है। जून 2015 में चीनी की कीमतों में 6.6 प्रतिशत और दुग्ध उत्पादों के मूल्य में 4.1 प्रतिशत की कमी आई है।
हालांकि अमरीका, चीन और ब्राजील में पशु आहार की मांग आने से मक्का समेत अन्य अनाजों की कीमतों को कुछ मजबूती मिली है। रिपोर्ट में इस वर्ष 252 करोड़ 70 लाख टन अनाज की पैदावार का अनुमान व्यक्त किया गया है। हालांकि पिछले वर्ष के मुकाबले यह 1.1 प्रतिशत कम है, लेकिन पिछले माह के अनुमान की तुलना में इसमें सुधार किया गया है। एफएओ ने दावा किया है कि इस वर्ष भरपूर फसल होने के बावजूद दुनिया के तकरीबन 34 देशों में अनाज की आपूर्ति के लिए बाहरी मदद की आवश्यकता पड़ेगी। इनमें से 28 देश अफ्रीका के होंगे।