नई दिल्ली - देश में एक बार फिर आतंकी हमले का खतरा मंडरा रहा है। रूस के उफा में 10 जुलाई को पीएम नरेंद्र मोदी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात कर सकते हैं वहीं खुफिया एजेंसियों के मुताबिक इस मुलाकात पर आतंकियों की बुरी नजर है. रिपोर्ट के आधार पर सेना, राज्यों की पुलिस और कई संवेदनशील राज्यों में आतंकी हमले के मद्देनजर अलर्ट जारी कर दिया गया है। इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार खतरा देश के शहरों में ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी है। ऐसे में एलओसी और सीमा पर सेना को सर्तक कर दिया गया है। सेना और बीएसएफ के यूनिट पर भी आतंकी हमले की आशंका जताई जा रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक आतंकियों के निशाने पर देश के कई बडे और छोटे शहर हो सकते हैं। उनकी योजना सीरियल ब्लास्ट या एक से ज्यादा धमाकों की भी हो सकती है। बताया जाता है कि आतंकी देश की आर्थिक और सामुदायिक शांति को भंग करना चाहते हैं। एजेंसी ने राज्यों की पुलिस को सर्तक किया है कि वह अफवाहों को फैलने से रोके क्योंकि आतंकी सांप्रदायिक सौहार्द बिगाडने और दंगा करवाने की कोशिश कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उफा में सम्मेलनों से इतर शुक्रवार को अपने पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ से अलग से मुलाकात करने वाले हैं हालांकि मुलाकात को लेकर समय की पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन मुलाकात लगभग तय है। अगस्त में दोनों देशों के बीच विदेश सचिव स्तर की वार्ता के बाद पहली बार दोनों प्रधानमंत्री मुलाकात करेंगे। हालांकि इससे पहले नेपाल में नवंबर 2014 में सार्क सम्मेलन के दौरान नरेंद्र मोदी और नवाज शरीफ का आमना-सामना हुआ था।