नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली जुलाई को राजधानी के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में देश और दुनिया के प्रमुख उद्योगपतियों की मौजूदगी में डिजिटल इंडिया सप्ताह का शुभारंभ करेंगे। यहां उद्योग समूह भारत में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एवं इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र में अरबों डालर निवेश का ऐलान करने वाले हैं। प्रधानमंत्री का कार्यक्रम पहली बार विज्ञान भवन के बाहर किसी स्टेडियम में आयोजित किया गया है। इसमें दस हजार से अधिक लोगों के भाग लेने की संभावना है। संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत कार्यरत इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ग्रामीण विकास, मानव संसाधन विकास, स्वास्थ्य और दूसरे विभागों के सहयोग से पूरे देश में डिजिटल इंडिया सप्ताह मनाने जा रहा है।
मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि डिजिटल इंडिया का उद्देश्य देश को डिजिटली सशक्त समाज और ज्ञान वाला राष्ट्र बनाना है। इसके माध्यम से यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि सरकारी सेवाएं आम लोगों को इलेक्ट्रॉनिक तौर पर मिलें। पहली जुलाई से पूरे सप्ताह चलने वाले कार्यक्रमों का आयोजन राष्ट्रीय डिजिटल साक्षरता मिशन के तहत किया जाएगा। संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि डिजिटल इंडिया से आईटी, टेलीकॉम और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में बडे पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, बैंकिंग आदि क्षेत्र में डिजिटल इंडिया का लाभ होगा।
सरकार का मानना है कि डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के लोकप्रिय होने पर आगे चलकर लोगों के जीवन में भारी बदलाव आयेगा और इससे समाज में डिजिटल अंतर को पाटने में भी मदद मिलेगी। टेलीकॉम और डाटा उपयोग को किफायती बनाने के उद्देश्य से सरकार अधिक स्पेक्ट्रम जारी करने की योजना बना रही है। इसके लिए दूरसंचार विभाग ने रक्षा मंत्रालय से कुछ स्पेक्ट्रम छोडऩे पर बात की है और रक्षा मंत्रालय ने अपनी सहमति दे दी है।