नई दिल्ली - मानसून के उत्तर भारत में भी सक्रिय होने से जहां एक तरफ लोगों ने राहत की सांस ली है, वहीं बारिश के चलते आई बाढ़ देश के कई हिस्सों में भारी तबाही की वजह बन गई है। देश भर में अब तक 70 लोग बाढ़ में अपनी जान गंवा चुके हैं। गुजरात में हालात सबसे खराब हैं। यहां बाढ़ की चपेट में आने से 68 लोगों की मौत हो गई है। उत्तराखंड में चार धाम यात्रा रोक दी गई है। कश्मीर के दक्षिण हिस्से में झेलम और उसकी सहायक नदियां खतरे के नियान के ऊपर बह रही हैं।
सबसे ज्यादा असर अनंतनाग और कुलगाम जिलों में देखा जा रहा है। यहां बाढ़ की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई है। लैंड स्लाइड के चलते जम्मू-श्रीनगर हाईवे और कश्मीर को लद्दाख से जोडऩे वाले हाईवे को बंद कर दिया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, कश्मीर के कई हिस्सों में शनिवार तक भारी बारिश होगी। गुजरात में बाढ़ से हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। राज्य में भारी बारिश और बाढ़ की चपेट में आने से 68 लोगों की मौत हो चुकी है।
सबसे ज्यादा 36 लोगों की मौत अमेरली जिला में हुई है। राज्य में शेर तक जंगल से निकल कर सडक़ों पर आ गए हैं। सरकार बाढ़ में फंसे लोगों की मदद के लिए हेलिकाप्टर की मदद ले रही है। उधर, उत्तराखंड में मौसम विभाग ने 48 घंटों का अलर्ट जारी किया हुआ है। बारिश के कारण केदारनाथ यात्रा भी सोनप्रयाग में ही रोक दी गई है। इसी बीच, असम में रुक-रुककर हो रही बारिश और बाढ़ आने के चलते सूबे को जबरदस्त नुकसान हुआ है।