नई दिल्ली - अमरीका के भारत में राजदूत रिचर्ड वर्मा ने मंगलवार को कहा कि भारतीय कंपनियों के नए निवेश एवं नवाचार से अमरीकी अर्थव्यवस्था सुधर रही है और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध को लेकर उनका देश बहुत आशावादी है। वर्मा ने यहां हनीवेल कंपनी द्वारा 2000 पर किए गए सर्वेक्षण की रिपोर्ट जारी करने के दौरान कहा कि मैं यह बताते हुए बहुत खुश हूं कि भारतीय कंपनियां नए निवेश और नवाचार के माध्यम से अमरीकी अर्थव्यवस्था को बढ़ाने और सुधार में मदद कर रही है और इसी वजह से भारत-अमरीका संबंध को लेकर हम बहुत आशावादी हैं।
उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों में अमरीकी रुख का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले सप्ताह वह वाशिंगटन में थे और इस दौरान कैबिनेट सेक्रेटेरिएट, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और विदेश मंत्री के साथ उनकी बैठकें हुई, जिसमें उन सभी ने द्विपक्षीय संबंध पर भारत में हो रही गतिविधियों में गहरी रुची ली। भारत के साथ संबंध प्रगाढ़ बनाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अमरीका द्विपक्षीय निवेश संधि पर गंभीरता से काम कर रहा है और इसी उद्देश्य से उनके देश ने भारत के साथ पहली सामरिक एवं व्यावसायिक वार्ता की है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और समग्र विकास के लाभ को सभी तक पहुंचाने और बड़े स्तर पर शहरीकरण की चुनौती दोनों देशों के समक्ष है। भारत को आने वाले वर्षों में इसका सामना करना होगा। अमरीकी राजनयिक ने भारत के शहरी विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में शहरों के विकास के मामले में विश्व में अग्रणी होगा और इसके मद्देनजर प्रधानमंत्री का स्मार्ट सिटी अभियान बहुत महत्वपूर्ण है। हरित, सुरक्षित और उत्पादकता पर आधारित इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत को स्मार्ट भवन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की जरूरत है। हवाई अड्डे और होटलों का प्रदर्शन बेहतर रहा है जबिक स्कूलों और आवासीय भवन इस मामले में पिछड़े हुए है। सरकार ने देश में 100 स्मार्ट शहर बनाने का ऐलान किया है और इस रिपोर्ट से उसे स्मार्ट शहर के लिए नीति बनाने में मदद मिलेगी।