नई दिल्ली - कर्नाटक सरकार ने आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में तमिलनाडु की मुख्यमंत्री सुश्री जे.जयललिता को दोषमुक्त करार देने के फैसले के खिलाफ आज उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। अपील में कर्नाटक उच्च न्यायालय के फैसले में आय की गणना में त्रुटियों को आधार बनाकर सुश्री जयललिता की रिहायी के आदेश को चुनौती दी गई है। कर्नाटक सरकार ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में मंगलवार को याचिका दायर की है। इससे पहले कर्नाटक सरकार की कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया गया था कि इस मामले में राज्य सरकार जयललिता के खिलाफ उच्चतम न्यायालय जाएगी।
वहीं तमिलनाडु के मुख्य विरोधी दल द्रमुक ने जयललिता की रिहाई का विरोध करते हुए उच्चतम न्यायालय जाने की बात कही थी। कर्नाटक उच्च न्यायालय द्वारा दोषमुक्त करार दिये जाने के बाद सुश्री जयललिता फिर राज्य की मुख्यमंत्री बन गई हैं। वह विधानसभा में प्रवेश के लिये राज्य की आरके नगर सीट से उपचुनाव लड़ रही हैं। कर्नाटक की एक विशेष सुनवाई अदालत ने जयललिता और उनके सहयोगियों को लगभग 67 करोड़ रुपये के आय से अधिक संपत्ति के मामले में 100 करोड़ रुपये का जुर्माना और चार साल की सज़ा सुनायी थी, लेकिन 11 मई को कर्नाटक उच्च न्यायालय ने जयललिता को उनके दूसरे तीन सहयोगियों के साथ इस मामले से बरी करते हुए उनकी जब्त संपत्ति को वापस करने का आदेश जारी कर दिया था।