नई दिल्ली – केन्द्र सरकार ने देश में 100 शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की अपनी योजना को मूर्त रूप देने की दिशा में पहला कदम उठाते हुए मंगलवार को राज्यों को इनके मनोनयन के लिए शहरों का कोटा निर्धारित कर दिया, जिसमें उत्तर प्रदेश को सबसे अधिक 13, तमिलनाडु को 12 और महाराष्ट्र को 10 शहरों के नाम भेजने को कहा गया है। सूत्रों के अनुसार, सरकार ने शहरी विकास से जुड़ी दूसरी महत्वाकांक्षी योजना "अटल मिशन फॉर रिजुवेनशन एंड अर्बन ट्रांसफोरमेशन" (अमृत) के लिए भी राज्यों को शहरों का आवंटन कर दिया है। इसके तहत कुल 500 शहरों को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
इस योजना में अभी 476 शहरों का आवंटन किया गया है, जिसमें उत्तर प्रदेश को सबसे अधिक 54, महाराष्ट्र को 37 और मध्य प्रदेश तथा तमिलनाडु को 33-33 शहरों के नाम भेजने को कहा गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 जून को विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में इन दोनों योजनाओं के साथ ही सबके लिए आवास नाम की प्रधानमंत्री आवास योजना की भी शुरूआत करेंगे। स्मार्ट सिटी योजना में जगह पाने के लिए राज्यों के बीच दो चरणों में "सिटी चेलेंज" प्रतिस्पर्धा होगी जिसके आधार पर शहरों के नामों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
हालांकि, अमृत योजना में शहरों के चयन के लिए प्रतिस्पर्धा नहीं होगी। इस योजना में मुख्य मानदंड एक लाख की आबादी रखा गया है। सिटी चेलेंज के पहले चरण में राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा होगी और इनके द्वारा मनोनीत शहरों और कस्बों को शहरी विकास मंत्रालय के मानदंडों की कसौटी पर परखा जाएगा। शहरी विक ास मंत्रालय ने ये मानदंड राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों तथा अन्य संबंधित पक्षों के साथ सलाह के आधार पर तय किए हैं। दूसरे चरण में 100 शहर के बीच आपस में प्रतिस्पर्धा होगी जिसमें ये सब अपनी स्मार्ट योजना बनाएंगे जिनका मंत्रालय के विशेषज्ञ मानदंडों के अनुसार मूल्यांकन करेंगे। इस मूल्यांकन के आधार पर सभी स्मार्ट शहरों को रैंकिंग दी जाएगी।