पालमपुर - भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी 1984 के लोकसभा चुनाव नहीं भूलते हैं। इन चुनावों में भाजपा ने देश भर में लगभग 300 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे, लेकिन मात्र दो ही प्रत्याशी जीत पाए थे। इस बात का खुलासा श्री आडवाणी ने कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में किया। चुनाव में गुजरात और आंध्र प्रदेश से मिली एक-एक सीट से ही भाजपा को संतोष करना पड़ा था, हालांकि उसके बाद अगले चुनावों में भाजपा ने 86 सीटों पर जीत हासिल की और वह दौर भी आया जब वाजपेयी के नेतृत्व में भाजपा ने देश की बागडोर संभाली।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में पालमपुर में आयोजित कार्यक्रम में शांता कुमार के विशेष निमंत्रण पर पहुंचे आडवाणी ने कहा कि पालमपुर उनके दिल के करीब है, क्योंकि 1989 में पालमपुर में ही भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक हुई थी। उन्होंने कहा कि कुछ साल पूर्व जब वह पालमपुर आए थे तो प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र कायाकल्प की योजना सिरे चढ़ रही थी और अब इस संस्थान ने देश-विदेश में पहचान बना ली है, जिसे देखकर उन्हें आनंद की अनुभूति हुई है।
शांता कुमार की अगवाई में संस्थान ने काफी तरक्की है। कायाकल्प जैसे संस्थान अधिक से अधिक संख्या में खुलने चाहिएं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिल सके। इस मौके पर स्वामी सुबोधानंद द्वारा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का जिक्र किए जाने पर श्री आडवाणी ने कहा कि वह भी सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का साथ देते आए हैं। इससे पूर्व आडवाणी ने रविवार सुबह पालमपुर में योग शिविर में शिरकत की और लोगों से योग अपनाने का आह्वान किया।