नई दिल्ली - भारत की पहल पर शुरू हुए पहले इंटरनेशनल योगा डे रविवार को पूरी दुनिया में मनाया गया। वहीं, ऐसी लडक़ी जिसकी योग के प्रति दीवानगी देख हर कोई दंग रह जाता है। दिल्ली के रोहिणी के जाम नगर में रहने वाली विकांक्षा ने चार साल की उम्र में योग सिखना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, आज वह 12 साल की है और एक योगा टीचर है। विकांक्षा एक रिटायर्ड आर्मी आफिसर की बेटी हैं। उनके पिता बताते हैं कि जब वह योग करते थे तो उन्हें देखकर विकांक्षा ने भी योग करना शुरू कर दिया। उसे योग करते देख वह दंग रह गए। 12 वर्षीय विकांक्षा की मां एक स्कूल टीचर हैं, जिनसे ट्यूशन लेने के लिए दर्जनों बच्चे उनके घर आते थे।
उन बच्चों को विकांक्षा ने योग के बारे में टिप्स देना शुरू किया, जिसके बाद बच्चों ने उससे रोज योग सीखना शुरू कर दिया। आजकल वह हफ्ते में दो दिन शनिवार व रविवार को फ्री में योग सिखाती हैं। उसकी योग के प्रति निष्ठा को देखकर काफी योग क्लब्स ने उनसे क्लास लेने के लिए कहा, लेकिन उनके माता-पिता ने ऐसा करने से मना कर दिया। वे अपनी बेटी पर किसी प्रकार का बोझ नहीं डालना चाहते हैं। रोहिणी सेक्टर-3 के केंद्रीय विद्यालय में आठवीं में पढऩे वाली विकांक्षा राज्य स्तर योग चैंपियनशिप में 20 से ज्यादा मेडल जीत चुकी हैं। उन्हें 2013 में राष्ट्रीय कल्याण योग्य संस्था की तरफ से दिए जाने वाले भारत योग रत्न अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा दिल्ली सरकार ने उन्हें 2014 में मिस योगिनी टाइटल से भी नवाजा है।