नयी दिल्लीः ट्रेड यूनियनों की हड़ताल का आज दूसरा और आखिरी दिन है. हड़ताल का पूरे देश पर असर पड़ा है लेकिन उत्तर प्रदेश के नोएडा में सबसे अधिक हंगामा और संपत्ति का नुकसान देखने को मिला है. वहीं अंबाला में एक कर्मचारी के मरने से हड़ताल ने और गंभीर रूप ले लिया। नोएडा के फेज टू में आगजनी से दर्जनों वाहनों को नुकसान हुआ. हिंसा के चलते नोएडा में स्कूल कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और दूसरे दिन के बंद के मद्देनजर पीएसी तैनात कर दी गई.
पहले दिन की हड़ताल में 26 हजार करोड़ के नुकसान का अनुमान लगाया गया है. आज मारुति, हीरो और सुजुकी कंपनियों के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हो रहे हैं. कुछ महीने पहले ही दिल्ली के पास गुड़गांव में मारुति की फैक्ट्री में जो कुछ हुआ वो दिल दहलाने वाला था. मजदूर इस कदर हिंसक हो गए थे कि एक अफसर को जान तक गंवानी पड़ी थी. बुधवार को नोएडा में सुबह करीब साढ़े 11 बजे ये प्रदर्शन गुंडागर्दी में तब्दील हो गया. प्रदर्शनकारियों ने पहला हमला एक प्राइवेट बस पर बोला. इसके बाद तो जो भी गाड़ी नजर आई उसे आग के हवाले कर दिया.
करीब दर्जन भर गाड़ियां जला डालीं. फायरब्रिगेड की गाड़ी को भी नहीं छोड़ा. शीशे तोड़ दिए और कई को उलट दिया. 100 से ज्यादा दफ्तरों में तोड़फोड़ की गई. राहगीरों से मारपीट भी हुई.
बंद के नाम पर मुंबई, दिल्ली, अंबाला, पटना, बैंगलोर हर जगह यही हाल था. क्या सरकार को बंद के दौरान इस हिंसा और अराजकता का अंदाजा नहीं था. क्या सरकारी खुफिया एजेंसियां लोगों के गुस्से को भांप नहीं पाईं. आखिर बंद के पहले दिन इतना बड़ा बवाल कैसे खड़ा हो गया. आज बंद के दौरान अराजकता से निपटने के क्या इंतजाम हैं.