नई दिल्ली - भारत सहित दुनिया भर के 192 देशों में रविवार को पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। संयुक्त राष्ट्र संघ के न्यूयार्क स्थित मुख्यालय में भी योग का बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें यूएन महासचिव बान की मून और भारत की विदेश सुषमा स्वराज सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। न्यूयार्क के टाइम्स स्क्वॉयर पर योग दिवस के कार्यक्रम में हजारों लोग पहुंचे। अमरीका, ब्रिटेन, चीन, पाकिस्तान, फ्रांस, जर्मनी, रूस सहित दुनिया के कई हिस्सों में योग दिवस बड़े पैमाने पर मनाए जाने की खबर है।
इंटरनेशनल योगा डे के मौके पर रविवार को राजपथ पर ही नहीं पूरे देश और विश्व के कई हिस्सों में लोगों ने योग किया। भले ही भारत में कुछ मुस्लिम संगठनों के विरोध के कारण आसनों में सूर्य नमस्कार शामिल नहीं किया गया, लेकिन ताइवान में सूर्य नमस्कार भी योग का हिस्सा रहा और वहां के लोगों ने इसे किया। इसके अलावा न्यूजीलैंड, सिडनी, चीन, मलेशिया जैसे देशों में योग के कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। सियाचिन में तैनात इंडियन आर्मी के जवानों ने भी रविवार को योग किया।
वहीं, आईएनएस विक्रमादित्य और आईएनएस विराट पर भी इंडयिन नेवी के जवानों ने योग अभ्यास किया। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता एस कर ने एक के बाद एक कई फोटो ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी। फोटोज में सिचाचिन में बर्फ पर जवान चट्टाई बिछा कर योग करते नजर आ रहे थे। वहीं कक्ष के रण से लेकर विभिन्न सैन्य ठिकानों पर जवानों ने योग का अभ्यास किया। रक्षा मंत्री खुद सैन्य अधिकारियों के साथ योग करते देख गए। तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने राजपथ पर योग कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उधर, विश्व योग दिवस के लिए राजधानी का राजपथ गणतंत्र दिवस की तरह सजा हुआ था।
फर्क सिर्फ इतना है कि यहां जवानों के कदम ताल की जगह योग के अलग-अलग आसन किए गए। राजपथ पर योग दिवस को भव्य रूप देने के लिए आयुष मंत्रालय ने 30 करोड़ रुपए खर्च किए। योग दिवस के इस मौके पर राजपथ से लेकर बार्डर तक योगासन के लिए चट्टाइयां बिछी थीं। जम्मू-कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक योग का क्रेज देखने को मिला। कश्मीर के बार्डर इलाकों के अलावा कन्याकुमारी, लद्दाख, कारगिल, दार्जलिंग, लेह, अंडमान निकोबार, लखनऊ, अहमदाबाद, कोचि, कोलकाता और शिलांग में योग दिवस की तैयारियां कई दिनों से हो रही थीं।